दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता का निधन, नोएडा आवास पर मिला शव; सुसाइड नोट में बीमारी का जिक्र
1975 बैच के IAS अधिकारी और दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता (74) नोएडा के अपने घर पर मृत पाए गए। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया गया है।
दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश मेहता का 74 वर्ष की आयु में नोएडा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया है। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। घटना की जानकारी मिलने के बाद से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

नोएडा के सेक्टर 82 स्थित आवास पर मिला शव
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 1975 बैच के एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के आईएएस अधिकारी राकेश मेहता नोएडा के सेक्टर 82 स्थित केंद्रीय विहार-II के पॉकेट 6 में अपने किराए के मकान में अकेले रहते थे। रविवार (6 सितंबर 2026) की दोपहर करीब 1:28 बजे पुलिस को इस घटना की सूचना मिली।

परिवार के सदस्यों, जिनमें देहरादून में रहने वाले उनके बेटे और पत्नी शामिल हैं, ने जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की और फोन का कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने सोसाइटी के गार्ड को सूचना दी। गार्ड ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें उन्होंने 'प्रोलॉन्ग्ड इलनेस' यानी लंबी बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का जिक्र किया है। पुलिस के अनुसार, वह डिप्रेशन के साथ-साथ हाइपरटेंशन और डायबिटीज से भी पीड़ित थे।

शीला दीक्षित सरकार में निभाई थी अहम भूमिका
राकेश मेहता ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं। वह तीन साल तक नगर निगम (MCD) के कमिश्नर भी रहे। वर्ष 2007 में उन्होंने दिल्ली के मुख्य सचिव का पद संभाला था और नवंबर 2010 में अपनी सेवानिवृत्ति तक इस पद पर रहे।
उनके कार्यकाल के दौरान ही दिल्ली में वर्ष 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) का आयोजन किया गया था। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी में कई प्रमुख परिवहन, ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।
सोमवार को लोधी रोड श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी जांच कर रही है।
