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मुंबई में ईमानदारी की मिसाल: बिजी सीईओ ने ऑटो ड्राइवर को गलती से ट्रांसफर किए ₹15,000 से ज्यादा

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मुंबई: आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन पेमेंट करते समय जरा सी चूक भारी पड़ सकती है, लेकिन कभी-कभी ऐसी गलतियां समाज में ईमानदारी की एक खूबसूरत मिसाल भी पेश कर देती हैं। आर्थिक राजधानी मुंबई से एक ऐसा ही दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ऑटो-रिक्शा चालक ने अपनी ईमानदारी से न सिर्फ एक परेशान यात्री की मदद की, बल्कि पूरे इंटरनेट का दिल जीत लिया। ड्राइवर ने गलती से अपने खाते में आए ₹15,682 की बड़ी रकम को बिना किसी लालच के तुरंत वापस कर दिया।

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सीईओ से डिजिटल पेमेंट के दौरान हुई थी बड़ी चूक

यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक कंपनी के व्यस्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने इस सुखद अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा किया। पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने मुंबई में एक रूटीन सफर के लिए एक ऑटो-रिक्शा किराए पर लिया था। सफर खत्म होने के बाद जब वे डिजिटल पेमेंट (UPI/Online Payment) कर रहे थे, तो हड़बड़ी में उनसे एक बड़ी गलती हो गई। किराए की मामूली रकम की जगह उनके खाते से ₹15,682 सीधे ऑटो चालक के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो गए। ट्रांजैक्शन पूरा होने के बाद जब उन्होंने मैसेज देखा, तो उनके होश उड़ गए।

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यात्री को थी पैसे खोने की चिंता, लेकिन ड्राइवर ने चौंकाया

सीईओ को लगा कि इतनी बड़ी रकम किसी अनजान ऑटो चालक के पास चली गई है, तो शायद इसे वापस पाना बेहद मुश्किल या नामुमकिन होगा। उन्होंने तुरंत किसी तरह उस ऑटो ड्राइवर से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन आगे जो हुआ, उसने उनके सारे अंदेशों को गलत साबित कर दिया। जैसे ही ऑटो चालक को इस बात की जानकारी हुई कि उसके खाते में गलती से पैसे आ गए हैं, उसने बिना किसी बहानेबाजी या हिचकिचाहट के पूरी की पूरी रकम (₹15,682) तुरंत वापस कर दी।

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इंटरनेट पर जमकर मिल रही है तारीफ, लोगों ने कहा- 'सलाम है ऐसी ईमानदारी को'

लिंक्डइन पर शेयर की गई यह कहानी देखते ही देखते सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी वायरल हो गई। हजारों की संख्या में नेटिजन्स इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि आज के समय में जहां चारों तरफ धोखाधड़ी की खबरें सुनने को मिलती हैं, वहीं इस ऑटो ड्राइवर के कदम ने 'इंसानियत और ईमानदारी' पर उनका भरोसा एक बार फिर मजबूत कर दिया है।

लोगों ने इस बात की भी सराहना की कि कानूनी या तकनीकी रूप से कोई दबाव न होने के बावजूद, ऑटो चालक ने केवल अपने जमीर और नैतिकता की आवाज सुनी और ईमानदारी का परिचय दिया। सोशल मीडिया पर विवादों के बीच वायरल होने वाली खबरों के इस दौर में, ईमानदारी की यह छोटी सी कहानी इंटरनेट पर हर किसी के चेहरे पर मुस्कान बिखेर रही है।