चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: वोटर लिस्ट से नाम हटाने वाले 'फॉर्म-7' के लिए नई सीमा तय
'वोट चोरी' के आरोपों के बीच ECI ने जारी किए नए निर्देश; दावे-आपत्तियों की अवधि में अधिकतम 10 और नियमित दिनों में प्रति माह 5 आवेदन की सीमा तय। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को हिरासत में लिया गया।
नई दिल्ली/लखनऊ: देशभर में 'वोट चोरी' के आरोपों और राजनीतिक गहमागहमी के बीच भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक अहम फैसला लिया है। आयोग ने मतदाता सूची से किसी का नाम कटवाने या हटाने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-7 (Form-7) के इस्तेमाल को लेकर कड़े और स्पष्ट नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब कोई भी व्यक्ति अंधाधुंध तरीके से नाम हटाने के आवेदन नहीं कर सकेगा, बल्कि इसके लिए संख्यात्मक सीमा तय कर दी गई है।

फॉर्म-7 को लेकर क्या हैं नए निर्देश?
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए सर्कुलर के अनुसार, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से फॉर्म-7 दाखिल करने के लिए निम्नलिखित सीमाएं निर्धारित की गई हैं:
-
दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान: इस पूरी अवधि में कोई भी मतदाता व्यक्तिगत रूप से अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन ही दाखिल कर सकेगा।
-
मतदाता सूची के निरंतर अद्यतनीकरण (Continuous Updation) के दौरान: इस सामान्य अवधि में कोई भी मतदाता निजी तौर पर प्रति माह अधिकतम 5 आवेदन ही भर पाएगा।
किस प्रकार होगा आपत्तियों का निपटारा?
फॉर्म-7 प्राप्त होने के बाद निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) यानी सीधे या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की अनुशंसा पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके तहत:
-
नोटिस और सुनवाई: ERO सबसे पहले आपत्तिकर्ता (ऑब्जेक्टर) को नोटिस जारी करेगा और व्यक्तिगत रूप से उसकी सुनवाई करेगा।
-
साक्ष्य और बयान दर्ज: प्रत्येक फॉर्म-7 के लिए आपत्तिकर्ता के अलग-अलग बयान, दलीलें और साक्ष्य दर्ज किए जाएंगे।
-
कानूनी प्रक्रिया: आपत्तियों की वैधता से पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही ERO, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम (RER) 1960 के नियम 19 और 20 के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा। इस दौरान उस व्यक्ति को भी सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाएगा जिसके नाम या आवेदन पर आपत्ति जताई गई है।
दूसरी तरफ: CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली में कार्रवाई
एक तरफ जहां चुनाव आयोग ने चुनावी पारदर्शिता और नियमों को सख्त किया है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की ओर से वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान किया गया था।
इस प्रदर्शन से ठीक पहले, जैसे ही CJP के नेता अभिजीत दिपके, रांका और सौरव मुंबई से फ्लाइट के जरिए दिल्ली पहुंचे, पुलिस ने उन्हें विमान के अंदर ही हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस तीनों को बस में बैठाकर अपने साथ अज्ञात स्थान पर ले गई, जिसकी राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा हो रही है।
