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Election Commission Controversy: मुख्य चुनाव आयुक्त के बाद EC के वरिष्ठ अधिकारी मनीष गर्ग पर गहराया विवाद

डीजी (आईटी) सीमा खन्ना की फाइलों की समीक्षा को लेकर चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव को लिखा पत्र; आयोग ने दी सफाई।

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नई दिल्ली (भदैनी मिरर): मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े हालिया विवाद की आंच अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के भीतर एक और वरिष्ठ अधिकारी के कामकाज को लेकर अंदरूनी विवाद गहराता नजर आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) मनीष गर्ग के एक आदेश पर चुनाव आयोग के दो आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी—ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर जताई थी आपत्ति

मामले से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, जुलाई महीने में दोनों चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन को अलग-अलग पत्र भेजकर वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग के एक फैसले पर आपत्ति जताई थी।

यह पूरा मामला चुनाव आयोग के आईटी महानिदेशक (DG-IT) सीमा खन्ना की फाइलों की समीक्षा से जुड़ा हुआ है। मनीष गर्ग ने एक आदेश जारी कर डीजी (आईटी) की फाइलों को उप चुनाव आयुक्त संजय कुमार के पास भेजे जाने की स्थापित व्यवस्था को समाप्त कर दिया था। दोनों चुनाव आयुक्तों का तर्क था कि संजय कुमार एक बेहद अनुभवी अधिकारी हैं और चुनावी प्रक्रियाओं की गहरी समझ रखते हैं, इसलिए आईटी विभाग से उनकी स्तर की निगरानी हटाना स्थापित नियमों के प्रतिकूल था।

चुनाव आयोग की ओर से आई सफाई

विवाद के तूल पकड़ने पर चुनाव आयोग की ओर से स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति साफ करने का प्रयास किया गया है। आयोग का कहना है कि यह पूरा मामला किसी नीतिगत असहमति या आईटी विभाग के नियमित संचालन से जुड़ा नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति (deputation) पर तैनात एक अधिकारी के प्रशासनिक आचरण से संबंधित था।

आयोग ने स्पष्ट किया कि मनीष गर्ग द्वारा जारी किया गया आदेश पूरी तरह से कभी लागू ही नहीं हुआ था और आईटी विभाग पर उप चुनाव आयुक्त की निगरानी प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रही।

पदक्रम और वरिष्ठता का दिया गया हवाला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अगस्त महीने में उप चुनाव आयुक्त संजय कुमार अपने मूल कैडर में वापस लौट गए, जिसके बाद से उनकी जिम्मेदारियां मनीष गर्ग ही संभाल रहे हैं। अब डीजी (आईटी) की फाइलें मनीष गर्ग के माध्यम से ही चुनाव आयुक्तों तक पहुंच रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, मनीष गर्ग ने दोनों चुनाव आयुक्तों से मुलाकात कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय विशुद्ध रूप से पदक्रम (hierarchy) और वरिष्ठता से जुड़ा था, क्योंकि डीजी (आईटी) सीमा खन्ना को पदोन्नति मिलने के बाद वह उप चुनाव आयुक्त संजय कुमार से वरिष्ठ अधिकारी हो गई थीं।

सरकार और DoPT के पास पहुंचा मामला

कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने दोनों चुनाव आयुक्तों की शिकायतों को विचार हेतु कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेज दिया है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का मानना है कि इस मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करना चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की स्वायत्तता में दखल देने के समान हो सकता है।