भारत पर इबोला वायरस का साया! बेंगलुरु में संदिग्ध महिला क्वारंटीन, कोरोना से कई गुना अधिक खतरनाक है यह बीमारी
कैसे फैलता है इबोला वायरस और क्या हैं लक्षण?
Bhadaini Mirror Desk: अफ्रीकी देशों में तबाही मचाने के बाद अब जानलेवा 'इबोला वायरस' ने भारत में दस्तक दे दी है, जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, युगांडा से बेंगलुरु लौटी एक महिला में इबोला वायरस जैसे गंभीर लक्षण पाए गए हैं, जिसके बाद उसे तुरंत एक मेडिकल फैसिलिटी में क्वारंटीन (Isolate) कर दिया गया है. डॉक्टरों की टीम महिला की कड़ी निगरानी कर रही है. बता दें कि मृत्यु दर के मामले में यह वायरस कोरोना महामारी से भी कहीं ज्यादा खतरनाक माना जाता है.
कोरोना से ज्यादा घातक क्यों है इबोला?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला वायरस बेहद संक्रामक और जानलेवा है.
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90% तक मृत्यु दर: इबोला से संक्रमित होने वाले मरीजों में मृत्यु दर 50 से 90 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो इसे दुनिया के सबसे घातक वायरसों में से एक बनाता है.
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वैश्विक स्थिति: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिणी सूडान जैसे अफ्रीकी देशों में इस वायरस के कारण अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं.
कैसे फैलता है इबोला वायरस और क्या हैं लक्षण?
इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो इंसान के शरीर में प्रवेश करते ही अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती है.
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प्रमुख लक्षण: तेज बुखार, गंभीर रक्तस्राव (Bleeding), हेमोरेजिक फीवर और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर (अंगों का खराब होना).
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फैलने का कारण: यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों (जैसे- खून, लार, पसीना, उल्टी आदि) के सीधे संपर्क में आने से फैलता है.
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इलाज: वर्तमान में इस वायरस का कोई सटीक टीका (Vaccine) या पुख्ता दवा उपलब्ध नहीं है, यही वजह है कि यह इतना जानलेवा साबित हो रहा है.
भारत सरकार हाई अलर्ट पर, DGCA ने जारी की SOP
बेंगलुरु में संदिग्ध मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है:


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स्वास्थ्य मंत्री की आपात बैठक: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बीते सोमवार को अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें देश में इबोला से निपटने की तैयारियों और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की गई. सरकार ने नागरिकों को प्रभावित अफ्रीकी देशों की अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है.
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DGCA की सख्त गाइडलाइन: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सभी एयरलाइंस के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है. इसके तहत प्रभावित देशों से आने वाले या वहां से ट्रांजिट करने वाले यात्रियों के लिए सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य कर दिया गया है. साथ ही उड़ानों के दौरान यात्रियों को जागरूक करने के लिए विशेष अनाउंसमेंट करने के निर्देश दिए गए हैं.
कांगो में WHO ने घोषित की हेल्थ इमरजेंसी
अफ्रीकी देश कांगो में इबोला के भयावह रूप को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का स्वास्थ्य आपातकाल' घोषित किया है. कांगो में अब तक 900 से अधिक संदिग्ध मामलों की पहचान हो चुकी है, जिनमें से 204 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. कांगो का इटुरी प्रांत इस संकट का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जहां हिंसक संघर्षों के कारण स्वास्थ्य टीमों को निगरानी करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

