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क्या पायलट ने जानबूझकर बंद किए फ्यूल स्विच? इटली की मीडिया रिपोर्ट में सनसनीखेज दावा

इटैलियन अखबार की रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग का हवाला, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर हादसे को लेकर भारतीय जांच रिपोर्ट पर बड़ा खुलासा
 

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नई दिल्ली। एअर इंडिया विमान हादसे की जांच के बीच इटली की एक मीडिया रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी है। इटैलियन अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने पश्चिमी एविएशन एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अहमदाबाद में हुए बोइंग 787 ड्रीमलाइनर हादसे की वजह पायलट द्वारा जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद करना हो सकता है।

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रिपोर्ट के अनुसार भारतीय जांचकर्ता जो अंतिम जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, उसमें विमान में किसी तकनीकी खराबी के संकेत नहीं मिले हैं। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग के आधार पर यह माना जा रहा है कि फ्यूल सप्लाई जानबूझकर रोकी गई थी, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए।

हालांकि अब तक भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। न ही इस दावे की पुष्टि की गई है।

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कॉकपिट रिकॉर्डिंग में क्या सामने आया

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट दूसरे से पूछता है—
“तुमने इंजन क्यों बंद किए?”
जिस पर जवाब मिलता है—
“मैंने नहीं किए।”

जांच में यह भी सामने आया कि पहले विमान का बांया इंजन बंद हुआ, फिर दांया। उस समय बाईं सीट पर कमांडर सुमित सभरवाल और दाईं ओर को-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंदर मौजूद थे। रिपोर्ट में मुख्य संदिग्ध के तौर पर कमांडर सुमित सभरवाल का नाम लिया गया है, जिनकी हादसे में मौत हो चुकी है।

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पायलट एसोसिएशन ने दावे को बताया साजिश

भारतीय पायलट एसोसिएशन और दिवंगत पायलट सुमित सभरवाल के परिवार ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि हादसे की जिम्मेदारी पायलट पर डालने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। उन्होंने विमान निर्माता कंपनी, एयरलाइन और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की मांग की है।

अमेरिका में ब्लैक बॉक्स की जांच

बताया गया है कि दिसंबर में AAIB के भारतीय जांचकर्ता वॉशिंगटन गए थे, जहां विमान के ब्लैक बॉक्स की जांच की गई। इसमें विशेष रूप से कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग पर फोकस किया गया। अमेरिकी विशेषज्ञों का कहना है कि बोइंग 787 में दोनों इंजन एक साथ बंद होना सामान्य तकनीकी खराबी नहीं मानी जाती और ऐसा केवल जानबूझकर या गंभीर दुर्घटना की स्थिति में ही संभव है।

260 लोगों की गई थी जान

गौरतलब है कि 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर क्रैश हो गया था। टेकऑफ के मात्र 32 सेकंड बाद विमान एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गया। हादसे में कुल 260 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें विमान में सवार 241 यात्री व क्रू सदस्य और जमीन पर मौजूद 19 लोग शामिल थे।

फिलहाल हादसे की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।