दिल्ली: PM आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और अखिलेश यादव हिरासत में
NEET और पेपर लीक मुद्दे पर विपक्षी गोलबंदी; केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का आरोप—"आश्वासन के बाद भी अपनी मांग से पलटे राहुल गांधी"
नई दिल्ली / भदैनी मिरर नेटवर्क: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में परीक्षाओं में धांधली और नीट (NEET) विवाद को लेकर राजनीतिक पारा चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।


संसद मार्च के अगले ही दिन केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया। विपक्षी नेता 10, राजाजी मार्ग स्थित खरगे के आवास से रवाना होकर 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री निवास की ओर बढ़े थे, जहां पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में लिया।

"छात्रों पर हमला, देश पर हमला": राहुल गांधी की सीधी अपील
प्रदर्शन में उतरने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देशवासियों से प्रधानमंत्री आवास के समक्ष धरने में शामिल होने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा:
"स्टूडेंट्स पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। प्रधानमंत्री को लगता है कि वे बिना जवाब दिए और बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।"
सरकार का पलटवार: "अपनी ही बात से पीछे हटे राहुल"
धरनास्थल पर स्थिति सामान्य करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पीएमओ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को वार्ता के लिए भेजा गया था।

वार्ता के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सरकार संसद में नीट और उससे जुड़े सभी विषयों पर नियमानुसार चर्चा कराने के लिए तैयार हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आश्वासन मिलने के तुरंत बाद राहुल गांधी अपनी बात से मुकर गए और उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की नई शर्त जोड़ दी।
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जितेंद्र सिंह का बयान: "विपक्ष को पहले केवल चर्चा चाहिए थी, लेकिन जैसे ही सरकार तैयार हुई, राहुल गांधी ने नई मांग रख दी। नेता प्रतिपक्ष का इस तरह अपनी बात से पलटना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।"
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नोटिस न देने का आरोप: सरकार का कहना है कि कांग्रेस ने अब तक इस विषय पर औपचारिक चर्चा के लिए संसद में कोई आधिकारिक नोटिस नहीं दिया है।
धाराएं और सुरक्षा व्यवस्था सख्त
विपक्षी गोलबंदी और पीएम आवास के करीब हुए इस अचानक प्रदर्शन के बाद लुटियंस दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एहतियात के तौर पर इलाके में अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है।

