'ऑपरेशन सिंदूर' पर संसद में विपक्षियों के सवाल पर बरसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कहा- रिजल्ट मायने रखता है, पेन-पेंसिल नहीं...
संसद के मानसून सत्र में सोमवार को जब लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा शुरू हुई, तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष और पाकिस्तान दोनों को कड़े शब्दों में जवाब दिया। राजनाथ सिंह ने विपक्ष की आलोचना पर निशाना साधते हुए कहा, “विपक्ष पूछता है हमारे कितने विमान गिरे, लेकिन ये नहीं पूछता कि दुश्मन के कितने गिराए। परीक्षा में यह मायने नहीं रखता कि पेन खो गया या पेंसिल टूट गई, असली मायने परिणाम का होता है।”


ऑपरेशन सिंदूर रोकने पर दी सफाई
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर को फिलहाल रोक दिया गया है, क्योंकि सेना ने अपने सभी राजनीतिक और सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। इस ऑपरेशन को रोकने के पीछे किसी भी तरह का बाहरी दबाव नहीं था। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान ने फिर कोई हिमाकत की, तो ऑपरेशन फिर से शुरू हो सकता है।

आतंकियों के 9 ठिकानों पर हमले, 7 ध्वस्त
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी शिविरों पर बेहद सटीक और समन्वित हमला किया, जिनमें से 7 पूरी तरह तबाह कर दिए गए हैं। उनके मुताबिक, “हमारे पास सबूत हैं कि पीओके और पाकिस्तान के भीतर आतंकियों को भारी नुकसान पहुंचा है।” उन्होंने यह भी बताया कि पूरा ऑपरेशन महज 22 मिनट में पूरा कर लिया गया और यह कोई तनाव बढ़ाने वाला कदम नहीं था।

आतंकियों को नुकसान, आम लोगों को नहीं
रक्षा मंत्री ने कहा कि सेना ने इस ऑपरेशन की हर रणनीति पर गहन अध्ययन किया और ऐसा तरीका अपनाया जिससे आतंकियों को अधिकतम नुकसान पहुंचे लेकिन आम नागरिक सुरक्षित रहें। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि *“इस पूरे अभियान में *एक भी भारतीय जवान हताहत नहीं हुआ।”
पाकिस्तान को कड़ा संदेश
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि “अगर उन्होंने फिर कोई हरकत की, तो भारत चुप नहीं बैठेगा।” उन्होंने कहा कि भारत ने कई बार दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन पाकिस्तान ने उसकी कद्र नहीं की। अब भारत जवाब बालाकोट स्ट्राइक की भाषा में देता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को ये समझना होगा कि भारतीय सेना से पार पाना मुमकिन नहीं, इसलिए वे आतंकवाद का सहारा लेते हैं। लेकिन अब भारत हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है।
