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पापा की हत्या करनेवाली मां और उसके प्रेमी के खिलाफ बेटी ने दी गवाही, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

पत्नी साजिश के तहत 6 मार्च 2024 को साजिश के तहत कानपुर के किदवई नगर के प्रतीक शर्मा को ले गई थी लखनऊ

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वहीं पहुंचा प्रेमी, होटल में जहर देकर मारा और लाश फूंक कर घर लौटे दोनों

चश्मदीद गवाह थी बेटी, उस समय कक्षा दो की थी छात्रा

कानपुर। कानपुर में अपर जिला जज की कोर्ट ने पति की हत्या के आरोप में पत्नी नेहा शर्मा और उसके प्रेमी आयुष को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस बहादुर बेटी ने अपने पिता की हत्या की  आरोपित अपनी मां और उसके प्रेमी के खिलाफ कोर्ट में डटकर गवाही दी और जघन्य कृत्य  करनेवालों को काठ कोठरी नसीब हो गई। इस मामले में मृतक प्रतीक शर्मा की बेटी की गवाही अहम रही। बेटी ने कोर्ट को बताया कि मां और आयुष ने मिलकर पिता को जहर दिया था और यह घटना लखनऊ में हुई थी। 

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अपर जिला जज 20 नीलांजना की कोर्ट ने पति की हत्या में पत्नी और उसके प्रेमी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। सजा के बिंदु पर सुनवाई के वक्त बचाव पक्ष की ओर से दिया गया साक्ष्य सफाई पेश करने का प्रार्थनापत्र कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने उन्हें 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। घटना की चश्मदीद गवाह बेटी थी। यह घटना उस समय हुई जब बेटी कक्षा दो में पढ़ती थी। आपको बता दें कि किदवई नगर वाई ब्लााक के पुनीत कुमार शर्मा ने नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि उनके इकलौते बेटे प्रतीक की शादी फैजाबाद की नेहा शर्मा के साथ वर्ष 2017 में हुई थी। उनका बेटा मेडिकल स्टोर चलाता था। छह मार्च 2024 को नेहा बेटे प्रतीक और बच्चों पांच साल की मान्या और तीन साल के अबिराज को लेकर फैजाबाद गई थी। 12 मार्च को वह बच्चों संग वापस लौटी लेकिन उनका बेटा नही आया। उन्होंने जब बहू से बेटे के बारे में पूछा तो बताया क रास्ते में गाड़ी खराब हो गई थी। दो तीन दिन में वापस आ जाएंगे। इसके बाद पिता ने मोबाइल पर फोन किया। कोई सम्पर्क नही हो सका। इसके बाद बहू ने कहाकि वह पोते अविराज को दवा दिलाने जा रही है और दोनों बच्चों को लेकर गई और वापस नही लौटी। पिता ने थाने में बेटा, बहू और दोनों बच्चों की गुमशुदगी की रपट दर्ज कराई। पुलिस की जांच पता चला कि नेहा के संबंध प्रतीक के दोस्त आयुष से हो गए थे। इन लोगों ने साजिश के तहत लखनऊ ले जाकर आयुष को जहर दे दिया और वहीं उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने नेहा और आयुष को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए थे।

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मृतक पुनीत कुमार शर्मा की बेटी ने अदालत में गवाही दी। बताया कि वह कक्षा दो की छात्रा थाी। मम्मी और पापा के साथ वह लखनऊ गई थी। वहां के होटल में वे लोग पांच दिन तक रूके थे। आयुष उसके पिता के दोस्त थे और दोनों खाना लेने जाते थे। मेरी मम्मी और आयुष ने मेरे पापा को सफेद घोल पिला दिया था। इसके बाद पिता के खर्राटे बंद हो गये। उन्होंने पापा को हास्पिटल भेज दिया। पिता को भेजने के बाद आयुष और मम्मी घर ही थे तो उसने मम्मी से पूछा कि पापा क्यो नही आए। तब मम्मी ने तमतमाकर कहा कि उनके बारे में पूछा तो काट डालेंगे। 

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लखनऊ में मारा भी, पंचनामा कराकर वहीं कर दिया अंतिम संस्कार 

6 मार्च 2024 की तारीख थी कानपुर के केदवई नगर वाई ब्लॉक के पुनीत कुमार शर्मा का इकलौता बेटा प्रतीक शर्मा। पत्नी नेहा शर्मा और दो मासूम बच्चों के साथ फैजाबाद जाने की बात कहकर घर से निकला था। लेकिन जब परिवार वापस आया तो उनके साथ प्रतीक नहीं था। पूछने पर नेहा ने घरवालों को बताया कि रास्ते में गाड़ी खराब हो गई है, इसलिए प्रतीक दो-तीन दिन बाद आएगा। मगर इस दौरान बंद चल रहा प्रतीक का मोबाइल फोन परिवार को परेशान किये था। कुछ दिन बाद नेहा भी बहाने से बच्चों को लेकर भाग निकली तो संदेह और गहरा गया। परेशान पिता पुनीत कुमार शर्मा की रिपोर्ट पर जांच हुइ्र तो चौकानेवाला मामला सामने आया। पता चला कि नेहा शर्मा के प्रतीक के दोस्त आयुष के साथ अवैध संबंध थे। दोनों ने मिलकर प्रतीक की हत्या की योजना बनाई थी। नेहा ने फैजाबाद जाने के बहाने प्रतीक को लखनऊ ले जाकर एक होटल में ठहराया। वहीं आकर आयुष भी मिला। होटल में शराब में जहर मिलाकर प्रतीक को पिला दिया गया। जहर का असर होते ही प्रतीक की हालत बिगड़ गई। फिर आयुष ने खुद को प्रतीक का चचेरा भाई बताकर उसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आयुष ने ही अस्पताल में पंचनामा भरवाया। इसमें नेहा और वह स्वयं पंच बने। इसके बाद प्रतीक का अंतिम संस्कार भी लखनऊ में ही कर दिया गया। आपको बता दें कि 17 अप्रैल 2024 को नेहा शर्मा और आयुष को केदवई नगर पोस्ट ऑफिस के पास से गिरफ्तार किया गया था। जांच में पता चला कि आयुष प्रतीक के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर परिजनों से संपर्क में था, जिससे पुलिस को उस पर शक हुआ।

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