Cyclone Murasu Alert: बंगाल की खाड़ी में भीषण चक्रवात 'मुरासू' का कहर, कोलकाता समेत इन इलाकों में बारिश के आसार
आईएमडी (IMD) की चेतावनी; आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा चक्रवात 'मुरासू'; दक्षिण और उत्तर बंगाल के कई जिलों में 3 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।
भदैनी मिरर डेस्क, नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक बार फिर मौसम के तेवर बिगड़ गए हैं। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र गहराते हुए अब चक्रवात 'मुरासू' (Cyclone Murasu) में तब्दील हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके आंध्र प्रदेश तट की तरफ बढ़ने की संभावना है।

आईएमडी के मुताबिक, यह तूफान गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) का रूप लेकर नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है, जहां हवा की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटा और झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
कोलकाता और दक्षिण बंगाल में कैसा रहेगा मौसम?
चक्रवात 'मुरासू' के सीधे असर से पश्चिम बंगाल के लिए हालांकि कोई भारी चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन इसके प्रभाव से मौसम में बदलाव जरूर देखने को मिलेगा।
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3 नवंबर तक बारिश के आसार: दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में छिटपुट जगहों पर 3 नवंबर की सुबह तक हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
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कोलकाता में असर: कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुरा और पुरुलिया में 3 नवंबर को भी इसी तरह के मौसम की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क (Dry) रह सकता है।
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4 से 8 नवंबर तक शुष्क मौसम: दक्षिण बंगाल में 4 नवंबर से 8 नवंबर के बीच मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहने का अनुमान है।
उत्तर बंगाल का हाल
उत्तर बंगाल के जिलों में भी 3 नवंबर तक कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। 3 नवंबर को खासकर दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि बाकी जगहों पर मौसम शुष्क रहेगा। उत्तर बंगाल में भी 4 से 8 नवंबर के बीच बारिश की कोई संभावना नहीं है।
मछुआरों के लिए चेतावनी और समुद्र की स्थिति
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और दक्षिण ओडिशा तट के पास 2 नवंबर की सुबह से ही मौसम खराब रहने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
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2 नवंबर की शाम से 3 नवंबर की दोपहर तक हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटा (जो 70 किमी प्रति घंटा तक gusts कर सकती है) रह सकती है।
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2 से 4 नवंबर तक समुद्र की स्थिति काफी अशांत (Rough to Very Rough) रहने की आशंका है।
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इसे देखते हुए मछुआरों को सख्त सलाह दी गई है कि वे 2 से 4 नवंबर के बीच पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और दक्षिण ओडिशा तट के समुद्र में न उतरें। हालांकि, बंगाल के तट के लिए फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
