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चलती ट्रेन के First AC में कपल का 'रोमांटिक सरप्राइज' पड़ा भारी, डेकोरेटर को अंदर आने देने पर TTE सस्पेंड

नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे (First AC Coupe) को कपल ने बना दिया 'सेलिब्रेशन हॉल'

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रेलवे डेस्क (भदैनी मिरर): भारतीय रेलवे के सफर के दौरान अक्सर लोग अपने करीबियों को सरप्राइज देने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं, लेकिन नंदीग्राम एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक कपल को ऐसा ही एक 'रोमांटिक सरप्राइज' बेहद भारी पड़ गया। चलती ट्रेन के फर्स्ट एसी (First AC) कोच में बिना अनुमति के एक बाहरी डेकोरेटर को बुलाकर पूरा केबिन सजवाने के मामले में रेलवे ने बड़ी कार्रवाई की है। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने सुरक्षा में गंभीर चूक मानते हुए संबंधित ट्रेवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

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ऑनलाइन बुक किया था डेकोरेटर

दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह अनोखा और विवादित मामला 6 जुलाई का है। नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे (कम्पार्टमेंट) में एक शादीशुदा जोड़ा सफर कर रहा था। यात्रा को यादगार बनाने या किसी जश्न के उद्देश्य से इस कपल ने एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए एक प्रोफेशनल डेकोरेटर को हायर कर लिया।

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ट्रेन के अंदर ही उस बाहरी डेकोरेटर ने गुब्बारों और अन्य सजावटी सामानों से पूरे कूपे को किसी इवेंट वेन्यू की तरह चमका दिया।

रेलवे सुरक्षा में बड़ी लापरवाही, TTE पर गिरी गाज

ट्रेन के चलते रहने के दौरान इस तरह किसी बाहरी और अनधिकृत व्यक्ति को वीआईपी कोच (First AC) में घुसने देना और उसे सजावट की अनुमति देना रेलवे के नियमों का सीधा उल्लंघन है। रेलवे अधिकारियों के संज्ञान में जब यह मामला आया, तो विभाग में खलबली मच गई।

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बुधवार (8 जुलाई) को दक्षिण मध्य रेलवे ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बिना उचित जांच और अनुमति के डेकोरेटर को कोच में प्रवेश करने देना एक बेहद गंभीर सुरक्षा चूक (Serious Lapse) है। इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार मानते हुए ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकर (TTE) को निलंबित कर दिया गया है।

विभागीय जांच शुरू, सहयोगियों पर भी हो सकती है कार्रवाई

रेलवे प्रशासन ने सस्पेंशन के साथ ही दोषी टीटीई के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) भी शुरू कर दी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में उन अन्य रेल कर्मियों के खिलाफ भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, जो इस लापरवाही में शामिल थे या जिन्होंने इसके लिए आंखें मूंद रखी थीं।