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कॉकरोच जनता पार्टी में दोफाड़: मनीष ब्रह्मभट्ट ने बनाई 'CJP-डेमोक्रेटिक', अभिजीत दीपके पर लगाया 'टीम केजरीवाल' बनने का आरोप

पेपर लीक और छात्र आंदोलन से उपजे संगठन में सियासी घमासान, आरोपों पर दीपके बोले- "हम छात्रों की 'A' टीम हैं"

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नई दिल्ली/वाराणसी (भदैनी मिरर न्यूज़): पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों से चर्चा में आई व्यंग्यात्मक राजनीतिक मुहिम 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) में बड़ा बिखराव सामने आया है। संगठन के संस्थापक मनीष ब्रह्मभट्ट ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी में विभाजन का ऐलान करते हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक' (CJP-D) के गठन की घोषणा की है।

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मनीष ब्रह्मभट्ट ने CJP के मुख्य चेहरे अभिजीत दीपके पर आंदोलन को राजनीतिक रूप से 'बेचने' और इसे आम आदमी पार्टी (AAP) की 'टीम केजरीवाल' में बदलने का गंभीर आरोप लगाया है।

"सफलता के बाद बिक गया आंदोलन": मनीष ब्रह्मभट्ट

मनीष ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि जिस आंदोलन को देश के लाखों छात्रों और युवाओं ने अपने खून-पसीने से सींचा था, सफलता मिलते ही उसके साथ विश्वासघात किया गया। उन्होंने दावा किया कि नई गठित 12 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम में वास्तविक प्रदर्शनकारियों और स्वयंसेवकों को दरकिनार कर दिया गया।

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ब्रह्मभट्ट के अनुसार:

  • राष्ट्रीय टीम के 12 में से 8 सदस्य आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े हुए हैं।

  • टीम में विभिन्न राज्यों के वास्तविक छात्रों, मुसलमानों, सिखों और महिलाओं का उचित प्रतिनिधित्व नहीं है।

  • यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के राजनीतिक इशारों पर संचालित हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंदोलन छात्रों के लिए था, लेकिन इसके मौजूदा नेतृत्व ने खुद को 'पेपर माफिया' की तरह ढाल लिया है और झारखंड जैसे राज्यों में जारी छात्र आंदोलनों से दूरी बना ली है।

कैसे शुरू हुआ था 'कॉकरोच' आंदोलन?

ब्रह्मभट्ट ने बताया कि यह आंदोलन एक मुख्य न्यायाधीश की उस टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था, जिसमें कथित तौर पर युवाओं और आरटीआई कार्यकर्ताओं की तुलना 'कॉकरोच' से की गई थी। इसके जवाब में शुरू हुआ व्यंग्यात्मक अभियान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसमें 2 करोड़ से अधिक लोग जुड़े। सोनम वांगचुक के अनशन और देशव्यापी छात्र प्रदर्शनों के बाद इस आंदोलन ने बड़ा रूप ले लिया था।

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अभिजीत दीपके का पलटवार: "हम केवल छात्रों की 'A' टीम हैं"

दूसरी ओर, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से प्रतिक्रिया देते हुए CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।

विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा 'B' टीम कहे जाने पर चुटकी लेते हुए दीपके ने कहा, "महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कहते हैं कि मैं कांग्रेस की 'B' टीम हूं, जबकि कुछ अन्य लोग कहते हैं कि मैं आम आदमी पार्टी की 'B' टीम हूं। मुझे लगता है कि इन लोगों को एक साथ बैठकर तय कर लेना चाहिए। मेरी नजर में हम किसी पार्टी की B टीम नहीं, बल्कि देश के छात्रों की 'A' टीम हैं।"

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा देशभर में प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर (FIR) रद्द किए जाने के बाद CJP ने अपना 5 सितंबर का प्रस्तावित मार्च रद्द कर दिया था। हालांकि, अब इस नए विभाजन के बाद लड़ाई आंदोलन के असली हकदार और छात्रों के प्रतिनिधित्व को लेकर तेज हो गई है।