चुनाव आयोग विवाद पर कॉकरोच जनता पार्टी का सुप्रीम कोर्ट पर हमला, कहा- 'खो चुकी है विश्वसनीयता'
CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के निलंबन और भारतीय चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर होने वाली महत्वपूर्ण सुनवाई से ठीक पहले नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शीर्ष अदालत की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि न्यायपालिका युवाओं के मताधिकार को छीनने की प्रक्रिया में शामिल रही है।

"युवाओं के वोटिंग अधिकार छीनने में अदालत शामिल"
CJP के वरिष्ठ पदाधिकारी सौरभ दास ने सोशल मीडिया के जरिए न्यायपालिका पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि बंगाल और बिहार में SIR प्रक्रिया को बिना किसी रुकावट के चलने देने में अदालत का रुख संदेहास्पद रहा है। सौरभ दास ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची का नाम लेते हुए कहा कि अब शीर्ष अदालत चाहे जो फैसला ले, जनता की नजरों में अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत ने समय रहते उन जरूरी याचिकाओं पर सुनवाई नहीं की जो सीधे तौर पर लोकतंत्र को प्रभावित कर रही थीं। इनमें महाराष्ट्र सरकार का गिरना, राजनीतिक दलों में टूट और दिल्ली का संवैधानिक संकट शामिल है। CJP नेता के मुताबिक, इन सभी मामलों में देरी से एक विशेष राजनीतिक दल की मर्जी को बल मिला, जो न्यायपालिका के इतिहास पर एक बड़ा धब्बा है।
ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़ी याचिकाओं पर आज सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में आज (सोमवार को) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज के तरीकों और उनके निलंबन से जुड़ी याचिकाओं पर अहम सुनवाई होनी है।
- विशेष पीठ: CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस वी. मोहाना की पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
- विवाद की वजह: हाल ही में आई एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीते 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR (स्पेशल समरी रिवीजन) से जुड़े कई फैसलों पर गंभीर सवाल उठाए थे। इसी रिपोर्ट के आधार पर आयोग की कार्यप्रणाली को अदालत में चुनौती दी गई है।
CJP के इस तीखे बयान के बाद कानूनी और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना यह होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है।
