Budget 2026: क्या 1 फरवरी को पेश होगा देश का बजट? जानिए क्या है ताजा रिपोर्ट
28 जनवरी से शुरू हो सकता है बजट सत्र, 29 को आएगा आर्थिक सर्वेक्षण; रविवार को बजट पेश करने पर सरकार में मंथन
डिजिटल डेस्क, भदैनी मिरर। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर एक बार फिर सियासी और आर्थिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल यह है कि क्या इस बार 1 फरवरी (रविवार) को देश का आम बजट पेश किया जाएगा या नहीं। सरकारी सूत्रों के हवाले से संकेत मिले हैं कि यदि संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति (CCPA) की मंजूरी मिल जाती है, तो रविवार को भी बजट पेश किया जा सकता है।



CCPA बैठक में होगा फैसला
बुधवार को होने वाली CCPA की अहम बैठक में संसद के बजट सत्र की तारीखों के साथ-साथ यह भी तय किया जाएगा कि बजट किस दिन लोकसभा में पेश होगा। असमंजस इसलिए है क्योंकि इस बार 1 फरवरी रविवार पड़ रहा है, हालांकि सरकार इससे पहले भी विशेष परिस्थितियों में रविवार को बजट पेश कर चुकी है।

कब से शुरू हो सकता है बजट सत्र
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- 28 जनवरी से बजट सत्र की शुरुआत हो सकती है। इस दिन राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। 29 जनवरी को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किए जाने की संभावना है। 30 और 31 जनवरी को अवकाश रह सकता है।
ऐसे में यदि अवकाश बरकरार रहता है, तो सीधे 1 फरवरी, रविवार को बजट पेश करने का विकल्प सामने आता है।

बजट 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में
वित्त मंत्रालय की ओर से बजट 2026 की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 से नवंबर के मध्य तक विभिन्न सेक्टरों के स्टेकहोल्डर्स के साथ प्री-बजट मीटिंग्स कीं। 2026-27 के बजट अनुमान और 2025-26 के संशोधित अनुमान अस्थायी रूप से फाइनल कर लिए गए हैं।
साथ ही, केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) से GDP के ताजा आंकड़े जुटाए जा रहे हैं, ताकि राजकोषीय गणनाएं सटीक ढंग से पेश की जा सकें।
निर्मला सीतारमण का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहले ही इतिहास रच चुकी हैं। उन्होंने पिछले साल लगातार आठवां केंद्रीय बजट पेश कर पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड की बराबरी की। वह भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं। साथ ही, महिलाओं में सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने का वैश्विक रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है।
बजट की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में बजट पेश करने की परंपरा 26 नवंबर 1947 से शुरू हुई थी, जब आज़ाद भारत का पहला बजट आर. के. षणमुखम चेट्टी ने पेश किया था। इसके बाद मनमोहन सिंह और पी. चिदंबरम जैसे दिग्गज नेताओं ने भी अपने बजटों के जरिए देश की आर्थिक दिशा तय की।
