Bengal CM Suvendu Adhikari: बंगाल में 'शुभेंदु युग' का आगाज, ममता को हराकर बने मुख्यमंत्री; कल लेंगे शपथ
अमित शाह ने किया एलान: भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर जीते शुभेंदु अधिकारी, भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए।
कोलकाता (भदैनी मिरर डेस्क): पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। कोलकाता के विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को नेता चुना गया। कल यानी शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।


दो सीटों पर जीत और ममता बनर्जी की शिकस्त
इस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी 'जायंट किलर' बनकर उभरे हैं। उन्होंने इस बार दो विधानसभा सीटों—नंदीग्राम और भवानीपुर—से चुनाव लड़ा और दोनों ही जगहों पर शानदार जीत दर्ज की। विशेष रूप से भवानीपुर सीट पर उन्होंने निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को मात दी थी।

अमित शाह ने किया नाम का एलान
विधायक दल की बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी के नाम की आधिकारिक घोषणा की। शाह ने बताया, "विधायक दल के नेता के लिए हमें लगभग आठ प्रस्ताव मिले और सभी में शुभेंदु जी का ही नाम था। किसी अन्य नाम का प्रस्ताव सामने नहीं आया, जिसके बाद सर्वसम्मति से उन्हें नेता चुना गया।"

बंगाल में भाजपा ने इस बार अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) मात्र 80 सीटों पर सिमट गई है।
कल होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह
शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्री कोलकाता पहुँच रहे हैं। राज्यपाल आरएन रवि ने पहले ही विधानसभा भंग करने की अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है।
राजनीतिक हलचल और ममता का रुख
एक ओर जहाँ भाजपा जीत का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी ओर निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम के बावजूद अब तक औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है। हालांकि, राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के साथ ही मौजूदा मंत्रिपरिषद का कार्यकाल समाप्त माना जा रहा है। नई सरकार के शपथ लेने तक शासन का कार्य लोक भवन से संचालित होने की संभावना है।
