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Badrinath Temple: अयोध्या के बाद अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के आरोप से हड़कंप

Badrinath Temple Dispute: राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के आरोप, BKTC ने कई कर्मियों को दिया नोटिस

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देहरादून (भदैनी मिरर डेस्क): अयोध्या के भव्य राम मंदिर में दान और चढ़ावे में हेरफेर का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध मोक्षधाम श्री बदरीनाथ मंदिर से भी चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले के संज्ञान में आते ही बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) एक्शन मोड में आ गई है। बीकेटीसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने मामले से जुड़े कई कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है।

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भैरव सेना ने खोला मोर्चा, अंदर से ही हुई मुखबिरी

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब दक्षिणपंथी धार्मिक संगठन 'भैरव सेना' के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने मंदिर समिति के सामने एक ज्ञापन सौंपा। आरोप है कि 2 जुलाई को एक सीसीटीवी फुटेज में मंदिर समिति का एक नियमित कर्मचारी दान पेटी के पास संदिग्ध स्थिति में दिखाई दिया है।

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सूत्रों के मुताबिक, मंदिर समिति के ही किसी अंदरूनी सूत्र ने भैरव सेना को दान की गिनती में हो रही गड़बड़ी और सीसीटीवी की इस संदिग्ध गतिविधि की मुखबिरी की थी, जिसके बाद संगठन ने तुरंत कार्रवाई की मांग की।

दोषी पाए जाने पर होगी कठोर कार्रवाई: हेमंत द्विवेदी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष आंतरिक जांच समिति गठित करने के आदेश दे दिए हैं।

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बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा: "यदि जांच में कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिस कर्मचारी पर आरोप लग रहे हैं, वह कोई निजी सचिव नहीं बल्कि समिति का नियमित कर्मचारी है। राम मंदिर मामले के बाद हमने परिसर में हाई-रिज़ॉल्यूशन के कैमरे लगवाए थे, जिससे कोई छिप नहीं सकता।" हालांकि, सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में सीसीटीवी फुटेज को जूम करने पर तस्वीर थोड़ी धुंधली आ रही है, जिसकी जांच की जा रही है।

जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील

सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने चार कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने श्रद्धालुओं और आम जनता से अपील करते हुए कहा कि यह विषय करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए जब तक कोई ठोस और तथ्यात्मक रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक किसी भी भ्रामक या अपुष्ट दावों से बचना चाहिए। धाम की गरिमा बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है।

विवादों से बीकेटीसी का पुराना नाता

बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावे को लेकर उठे इस ताजा विवाद ने एक बार फिर मंदिर समिति की पारदर्शिता और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में बीकेटीसी कई अन्य वजहों से भी विवादों के घेरे में रही है:

  • सोने की प्लेटों का विवाद: केदारनाथ गर्भगृह की दीवारों पर चढ़ाई गई सोने की प्लेटों का रंग उतरने का मामला।

  • अवैध क्यूआर कोड: मंदिर परिसर में बिना अनुमति दान के लिए डिजिटल क्यूआर कोड बोर्ड लगाने का प्रकरण।

  • वीआईपी कल्चर: बीकेटीसी के बजट को वीआईपी मेहमानों पर अत्यधिक खर्च करने और उनके लिए अलग से दर्शन की व्यवस्था करने के आरोप।

  • नेपोटिज़्म का आरोप: समिति के एक पदाधिकारी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अपनी ही पत्नी को कर्मचारी नियुक्त करने का विवाद।