असम में बाढ़ का कहर: 24 घंटे में 21 मौतें, कुल आंकड़ा 31 पहुंचा; 5.65 लाख लोग प्रभावित
ऊपरी इलाकों में बादल फटने से बिगड़े हालात; बचाव और राहत कार्य में जुटी भारतीय सेना, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा करेंगे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा।
गुवाहाटी
असम में बाढ़ की स्थिति लगातार बेहद गंभीर बनी हुई है। मंगलवार को राज्य में दर्ज की गई सबसे भीषण तबाही में 24 घंटे के भीतर 21 लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही चालू मानसून सत्र में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 31 हो गई है। सबसे बुरा असर पूर्वी असम के शिवसागर जिले पर पड़ा है।


असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, मंगलवार शाम थोड़ी राहत के बाद स्थिति अचानक और बिगड़ गई। राज्य के 16 जिलों के 872 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जिससे 5.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और 24,210.35 हेक्टेयर में लगी फसलें जलमग्न हो गई हैं।

पूर्वी असम के जिलों में सबसे ज्यादा तबाही; प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर
राज्य के पूर्वी हिस्से में स्थित शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिले इस जलप्रलय से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। अब तक हुई 31 मौतों में से 25 मौतें इन्हीं तीन जिलों में दर्ज की गई हैं।
| जिला | 24 घंटे में दर्ज मौतें | कुल मौतों का आंकड़ा |
| शिवसागर | 13 | 13 |
| चराइदेव | 5 | 5 |
| गोलाघाट | 2 | 3 |
| जोरहाट | 1 | 4 |
| अन्य जिले (धेमाजी, कार्बी आंगलोंग, शोणितपुर) | 0 | 6 |
| कुल योग | 21 | 31 |
ASDMA की रिपोर्ट के मुताबिक, दिखौ और दिसंग नदियां कई स्थानों पर अपने सर्वकालिक उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level) से ऊपर बह रही हैं। इसके अलावा, ब्रह्मपुत्र और धनसिरी सहित तीन अन्य नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं।

बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त; राहत शिविरों में हजारों लोग
बाढ़ के प्रचंड वेग के कारण 6 तटबंध टूट चुके हैं और 33 सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। गोलाघाट जिले में एक पुल भी बाढ़ के बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे आवाजाही ठप हो गई है।
राहत और बचाव कार्य की स्थिति:
12,284 लोग अपना घर छोड़कर 71 राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
1 लाख से अधिक लोग अपनी दैनिक जरूरतों के लिए 202 राहत वितरण केंद्रों पर निर्भर हैं।
भारतीय सेना (Indian Army) को राहत और बचाव कार्यों के लिए मैदान में उतारा गया है।
'हमारा ध्यान राहत और बचाव पर': मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि ऊपरी इलाकों में अचानक हुई बादल फटने (Cloudburst) की घटना के कारण जलस्तर में यह अप्रत्याशित उछाल आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का पूरा ध्यान इस समय फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री पहुँचाने पर है।
मुख्यमंत्री स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों व राहत शिविरों का दौरा करेंगे।
