Amritpal Singh Witness Case: मोरिंडा में अमृतपाल सिंह केस के गवाह पर चली गोली, पंजाब पुलिस ने बताया 'रोड रेज' का मामला
सोशल मीडिया पर उठ रहे दावों को पुलिस ने किया खारिज; मुख्य आरोपी जसबीर सिंह गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला।
भदैनी मिरर (डिजिटल डेस्क): पंजाब के मोरिंडा क्षेत्र में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे एक सनसनीखेज घटना सामने आई। डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में मुख्य शिकायतकर्ता और गवाह वरिंदर सिंह मावी की गाड़ी पर फायरिंग की गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में मावी और उनके साथी बाल-बाल बच गए और किसी को चोट नहीं आई।


घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस का दावा: घटना के पीछे रंजिश नहीं, 'रोड रेज' बनी वजह
रूपनगर (रोपड़) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मनिंदर सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह मामला किसी सुनियोजित साजिश या गवाह को डराने का नहीं, बल्कि 'रोड रेज' (सड़क पर कहासुनी) का नजर आया है।

पुलिस के अनुसार, अजनाला मामले में शिकायतकर्ता सालेमपुर गांव निवासी वरिंदर सिंह मावी ने देर रात 2 बजे पुलिस को सूचना दी कि उन पर एक व्यक्ति फायरिंग कर रहा है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी जसबीर सिंह उर्फ काला (निवासी समरोली गांव) को पकड़ लिया। आरोपी शराब के नशे में था और वाहन चलाने के दौरान हुई कहासुनी के बाद उसने हवा में गोलियां चलाईं व मावी की गाड़ी का पीछा करते हुए उन्हें धमकाया।

सोशल मीडिया दावों का खंडन
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने गवाह को डराने और धमकाने के इरादे से यह हमला किया है। हालांकि, पंजाब पुलिस ने इन सभी दावों और अफवाहों को खारिज कर दिया है। एसएसपी मनिंदर सिंह ने कहा कि अब तक की जांच में किसी भी तरह की साजिश या केस से जुड़े तार सामने नहीं आए हैं। पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर चल रही बिना पुष्टि वाली खबरों पर ध्यान न देने की अपील की है।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
दूसरी ओर, अमृतपाल सिंह से जुड़े मामलों में शिकायतकर्ताओं और गवाहों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता परमिंदर सिंह विग ने इस घटना के बाद गवाहों की सुरक्षा पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद गवाहों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने प्रशासन से सभी प्रमुख गवाहों की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है।
मामले में सदर मोरिंडा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
