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 Agniveer Love Sangwan Martyr: सैन्य सम्मान के साथ शहीद अग्निवीर लव सांगवान को अंतिम विदाई

अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा पर ड्यूटी के दौरान तेज तूफान में खाई में गिरने से हुए थे शहीद; तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचा पार्थिव शरीर, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार।

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भदैनी मिरर बागपत डेस्क: अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा के पास देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए 24 वर्षीय अग्निवीर लव सांगवान का मंगलवार शाम उत्तर प्रदेश के बागपत जिले स्थित उनके पैतृक गांव (ससुराल/बुआ के गांव) लूम्ब में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा, वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरा क्षेत्र 'भारत माता की जय' व 'जब तक सूरज चांद रहेगा, लव सांगवान का नाम रहेगा' के नारों से गूंज उठा।

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चीन सीमा पर तूफान की चपेट में आने से हुआ हादसा

अग्निवीर लव सांगवान भारतीय सेना की 3 ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में तैनात थे और वर्तमान में उनकी ड्यूटी अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा के पास थी।

रविवार देर शाम ड्यूटी के दौरान अचानक आए तेज तूफान और खराब मौसम के बीच पैर फिसलने के कारण वह गहरी खाई में जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद सैन्य अधिकारियों और साथी जवानों ने राहत व बचाव अभियान चलाकर उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।

gbn12 साल पहले बुआ के घर आए थे, 2022 में बने अग्निवीर

मूल रूप से मेरठ के कलंजरी गांव के रहने वाले लव सांगवान का जीवन संघर्षों से भरा रहा। परिजनों के अनुसार, करीब डेढ़ दशक पहले पुरानी रंजिश के चलते उनके परिवार के अधिकांश सदस्यों की मौत हो गई थी। इसके बाद से लव पिछले 10-12 वर्षों से बागपत के लूम्ब गांव में अपनी बुआ पूनम देवी और फूफा सत्येंद्र कुमार के पास रहकर पढ़ाई कर रहे थे।

वर्ष 2022 में उनका चयन अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में हुआ था।

जनसैलाब ने पुष्पवर्षा कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मंगलवार शाम सेना की गाड़ी जब पार्थिव शरीर लेकर रमाला बस स्टैंड पहुंची, तो वहां सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर, बाइक और गाड़ियों पर तिरंगा लेकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए। रमाला, किरठल और लूम्ब गांव में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर शहीद को नमन किया।

गाार्ड ऑफ ऑनर और शस्त्र सलामी के बाद सेना के सूबेदार निर्दोष कुमार ने सम्मान स्वरूप तिरंगा शहीद के फूफा सत्येंद्र कुमार को सौंपा। इसके बाद बुआ के बेटे शिवम ने मुखाग्नि देकर लव सांगवान को अंतिम विदाई दी।