मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों को रद्द करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल
चुनाव आयोग में 'एकतरफा' फैसलों का आरोप, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सहमति के बिना लिए गए निर्णयों पर विवाद; 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन का ऐलान।
भदैनी मिरर डेस्क: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग (ECI) की कार्यशैली को लेकर जारी विवाद अब देश की शीर्ष अदालत पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर चुनाव आयोग द्वारा लिए गए कई अहम फैसलों को रद्द करने और पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के तहत SIT या न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है।

क्या हैं आरोप?
याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग में शक्तियों का केंद्रीकरण कर लिया गया है। आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों—डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी—की सहमति के बिना ही कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
याचिका के अनुसार, पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार दोनों चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर आपत्तियां जताई थीं, जिन्हें दरकिनार कर दिया गया।

किन फैसलों को रद्द करने की मांग?
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि बिना दोनों आयुक्तों की सर्वसम्मति के लिए गए निम्नलिखित निर्णयों को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए:
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SIR की प्रक्रिया में बदलाव: एसआईआर प्रक्रिया में किए गए बदलावों को वापस लेना।
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फॉर्म-6 में संशोधन: फॉर्म-6 को दोबारा पुराने स्वरूप में लागू करना।
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ECINet डेटा नियंत्रण: ECINet के माध्यम से एकत्र किए गए डेटा का नियंत्रण और उसकी फॉरेंसिक जांच।
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पश्चिम बंगाल अपील मामला: दोनों आयुक्तों को सूचित किए बिना पश्चिम बंगाल में 16.10 लाख अपीलें फाइल करने से जुड़े निर्णय।
चुनाव आयोग का रुख
मामले पर उठे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने सफाई देते हुए कहा है कि किसी भी संस्था में मतभेद होना एक स्वाभाविक और अंदरूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के अनुसार, अंततः जो भी निर्णय सार्वजनिक किए जाते हैं, वे सर्वसम्मति से ही लिए जाते हैं।

2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
राजनीतिक मोर्चे पर भी इस मुद्दे को लेकर घमासान तेज हो गया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। इस्तीफा न मिलने की स्थिति में 2 अक्टूबर से देशभर में प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए हैं।
बचाव में उतरी भारतीय जनता पार्टी
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के इन आरोपों का करारा जवाब दिया है। भाजपा ने कहा कि 'इंडिया गठबंधन' और कांग्रेस लगातार मिल रही चुनावी हार से बौखलाकर चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सहित भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के दुष्प्रचार का जोरदार खंडन किया है।
