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8th Pay Commission: 8वां वेतन आयोग कब से लागू होगा? जानिए संभावित तारीख और न्यूनतम वेतनमान

8th CPC Latest Update: ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल का बड़ा खुलासा; जानिए कब तक आएगी आयोग की रिपोर्ट और कब लागू होगा नया वेतनमान

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नई दिल्ली

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। अक्टूबर 2025 में सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद से ही देश के करीब 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनर्स के मन में बस एक ही सवाल है— उन्हें नए वेतनमान के तहत बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन कब से मिलना शुरू होगी?

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इस बीच, ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPS) और नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने एक विशेष बातचीत में इस बात का खुलासा किया है कि कर्मचारियों को वास्तविक रूप से संशोधित वेतन कब से मिल सकता है।

अप्रैल 2027 से लागू हो सकता है 8वां वेतनमान: डॉ. मंजीत सिंह पटेल

डॉ. मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था और नवंबर 2025 में इसके लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।

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"अगर हम नवंबर 2025 से 18 महीने की गणना करें, तो यह समयसीमा अप्रैल-मई 2027 के आसपास समाप्त होती है। ऐसी पूरी संभावना है कि आयोग अपना काम समय से दो-तीन महीने पहले ही पूरा कर ले। चूंकि अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष (Financial Year) भी शुरू होता है, इसलिए पूरी उम्मीद है कि अप्रैल 2027 से केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के तहत बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन मिलना शुरू हो जाएगी।"

कितनी बढ़ सकती है न्यूनतम बेसिक सैलरी?

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी में बंपर उछाल आने की उम्मीद है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, जिसके फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) और अन्य संशोधनों के बाद बढ़कर ₹51,480 तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, कर्मचारियों के कुल 18 लेवल्स हैं, इसलिए व्यक्तिगत वेतन वृद्धि उनके पे-मैट्रिक्स और पद के स्तर पर निर्भर करेगी। इस फैसले का सीधा लाभ रेलवे और डिफेंस (रक्षा) कर्मियों सहित सभी केंद्रीय विभागों को मिलेगा।

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महंगाई के बीच कर्मचारियों को बड़ी राहत की उम्मीद

देशभर में चल रही परामर्श बैठकों के दौरान कर्मचारी यूनियनों द्वारा फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने, न्यूनतम वेतन में वृद्धि, महंगाई भत्ते (DA) के मूल वेतन में विलय और वेतन संरचना में बदलाव की मांगें लगातार उठाई जा रही हैं।

कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि हाल के वर्षों में पेट्रोल-डीजल, एलपीजी सिलेंडर, दूध, खाद्य तेल और सब्जियों जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है। ऐसे में नियमित रूप से मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) इस बढ़ती महंगाई का मुकाबला करने के लिए नाकाफी साबित हो रहा है। इसीलिए 8वें वेतन आयोग के टाइमलाइन पर हर किसी की नजर टिकी है।

सुझाव सौंपने की समयसीमा 31 मई 2026 तक बढ़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले साल घोषित किए गए इस आयोग की कमान सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के हाथों में है। आयोग में प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष और सदस्य-सचिव के रूप में पंकज जैन शामिल हैं।

आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को अपने सुझाव और मेमोरेंडम सौंपने की समयसीमा को एक महीना और बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया है। इससे पहले यह समयसीमा 30 अप्रैल तक तय थी

बैठकों का दौर जारी: अगला पड़ाव हैदराबाद और श्रीनगर

8वां वेतन आयोग देश के विभिन्न हिस्सों में कर्मचारी यूनियनों और स्टाफ एसोसिएशनों के साथ लगातार बैठकें कर रहा है। दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल तक पहले दौर की वार्ता हो चुकी है। अब अगली महत्वपूर्ण बैठकें 18-19 मई को हैदराबाद (तेलंगाना) में, 1 से 4 जून के बीच श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में और 8 जून को लद्दाख में आयोजित होने जा रही हैं। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय परिषद (NCJCM) की बैठक में भी कर्मचारियों की पदोन्नति, पेंशन और आउटसोर्सिंग जैसे मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की गई है।