8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की मौज! न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने सौंपा 51 पन्नों का ज्ञापन; 3.83 फिटमेंट फैक्टर और 6% सालाना वेतन वृद्धि के साथ पुरानी पेंशन बहाली पर भी जोर
नई दिल्ली
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर हितधारकों के साथ बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। दिल्ली, पुणे और देहरादून जैसे प्रमुख शहरों में चर्चाओं का शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों में वेतन वृद्धि की उम्मीदें जग गई हैं।


51 पन्नों के ज्ञापन में भारी वेतन वृद्धि का प्रस्ताव
नेशनल काउंसिल-ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के कर्मचारी पक्ष ने बीते 14 अप्रैल को सरकार को अपना अंतिम ज्ञापन सौंपा है। 51 पन्नों के इस विस्तृत दस्तावेज में कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कई क्रांतिकारी बदलावों का सुझाव दिया गया है।

ज्ञापन की मुख्य मांगें:
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न्यूनतम वेतन: बेसिक सैलरी को मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर सीधे ₹69,000 करने की मांग।
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फिटमेंट फैक्टर: वेतन संशोधन के लिए 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव।
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सालाना इंक्रीमेंट: वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) को 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग।
₹18,000 में गुजारा मुश्किल: कर्मचारी संगठनों का तर्क
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 7वें वेतन आयोग के तहत तय किया गया ₹18,000 का न्यूनतम वेतन आज की महंगाई के दौर में नाकाफी है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में वृद्धि के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और आवास के खर्चों में भारी बढ़ोतरी हुई है। संगठनों के अनुसार, 5 सदस्यों के एक औसत परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए वेतन में यह वृद्धि अनिवार्य है।

HRA और पेंशन पर भी बड़ी मांगें
वेतन के अलावा, यूनियनों ने आवास किराया भत्ता (HRA) और पेंशन व्यवस्था में भी बड़े सुधारों की वकालत की है:
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HRA संशोधन: शहरों की श्रेणियों (X, Y, Z) के आधार पर HRA को बढ़ाकर 30%, 35% और 40% करने का सुझाव दिया गया है।
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पुरानी पेंशन (OPS): ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना को फिर से बहाल करने की मांग को दोहराया गया है।
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पेंशन राशि: मांग की गई है कि पेंशन की राशि कर्मचारी के अंतिम मूल वेतन का 67% होनी चाहिए, जो वर्तमान में 50% है।
कब तक बढ़कर मिलेगी सैलरी?
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और इसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय मिला है। हालांकि आयोग का कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों और रिपोर्टों के अनुसार, बढ़ी हुई सैलरी और एरियर का वास्तविक भुगतान 2027 की शुरुआत में होने की संभावना है।
निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग की सुगबुगाहट ने लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के बीच उत्साह पैदा कर दिया है। यदि सरकार 3.83 फिटमेंट फैक्टर और ₹69,000 न्यूनतम वेतन की मांग स्वीकार कर लेती है, तो यह सरकारी सेवा के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी वेतन वृद्धि होगी।
