केरल और तमिलनाडु समेत 6 राज्यों को मिले नए राज्यपाल: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की घोषणा
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी हुई सूची; राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर बने तमिलनाडु के पूर्णकालिक राज्यपाल, ब्रज मोहन राम और दुष्यंत गौतम भी शामिल।
नई दिल्ली (भदैनी मिरर राष्ट्रीय डेस्क): देश के 6 महत्वपूर्ण राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति और तबादले किए गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राज्यपालों के फेरबदल की आधिकारिक घोषणा कर दी है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सिक्किम के राज्यपाल रहे ओम प्रकाश माथुर को केरल की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का पूर्णकालिक राज्यपाल बनाया गया है।

नयी नियुक्तियों और तबादलों के ये आदेश संबंधित राज्यपालों के अपने-अपने पदों का कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होंगे।
इन 6 राज्यों में हुई नई नियुक्तियां:
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी सूची के अनुसार निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:
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ओम प्रकाश माथुर: सिक्किम के राज्यपाल से स्थानांतरित कर इन्हें केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राजस्थान से पूर्व राज्यसभा सांसद माथुर जुलाई 2024 से सिक्किम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
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राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर: केरल से स्थानांतरित कर इन्हें तमिलनाडु का नियमित/पूर्णकालिक राज्यपाल बनाया गया है। वह मार्च से ही तमिलनाडु के अतिरिक्त प्रभार का निर्वहन कर रहे थे।
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ब्रज मोहन राम: पलामू से लोकसभा के पूर्व सांसद ब्रज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह हरि बाबू कंभमपति का स्थान लेंगे।
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डॉ. सुधा यादव: महेंद्रगढ़ से भाजपा की पूर्व सांसद और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का नया राज्यपाल बनाया गया है। वह थावरचंद गहलोत की जगह लेंगी।
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डॉ. ढाल सिंह बिसेन: मध्य प्रदेश के बालाघाट से लोकसभा के पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का स्थान लेंगे।
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दुष्यंत गौतम: भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल बनाया गया है। वह ओम प्रकाश माथुर की जगह लेंगे।
किनकी जिम्मेदारी में हुआ बदलाव?
राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार, जिन राज्यपालों (हरि बाबू कंभमपति, थावरचंद गहलोत और गुरमीत सिंह) की जगह नए चेहरों को नियुक्त किया गया है, उनके लिए फिलहाल किसी नई जिम्मेदारी की घोषणा नहीं की गई है। इन प्रशासनिक बदलावों को राजनीतिक और संवैधानिक दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है।
