Movie prime
PMC_Hospital

सत्य निकेतन में 5 मंजिला पीजी इमारत ढही, 7 छात्रों की मौत; 5 MCD अधिकारी सस्पेंड, हाईकोर्ट सख्त

डीयू दक्षिणी परिसर के पास 30 साल पुरानी हॉस्टल इमारत जमींदोज; हाईकोर्ट ने एक हफ्ते में मांगा पीजी-हॉस्टल का ऑडिट, LG सचिवालय में आपात बैठक

Ad

 
delhi
WhatsApp Group Join Now

Ad

भदैनी मिरर (नेशनल डेस्क)

 राजधानी दिल्ली में दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के दक्षिणी परिसर (South Campus) के पास स्थित सत्य निकेतन की एक संकरी गली में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। लड़कों के हॉस्टल/पीजी (PG) के रूप में इस्तेमाल हो रही लगभग 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक भरभरा कर जमींदोज हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि मलबे में अन्य लोगों की तलाश और राहत कार्य जारी है। हादसे का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी इमारत ढहते ही चारों तरफ धूल का गुबार उठता दिख रहा है।

Ad

उपराज्यपाल (LG) सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक, 5 अधिकारी निलंबित

हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। सत्य निकेतन घटना के तुरंत बाद उपराज्यपाल (LG) सचिवालय में एक आपात बैठक बुलाई गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, एनडीआरएफ प्रमुख पीयूष आनंद, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, शिक्षा सचिव, डीयू के कुलपति और एमसीडी कमिश्नर शामिल हुए।

Ad
  • कड़ी कार्रवाई: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ट्वीट कर जानकारी दी कि सत्य निकेतन हादसे के मामले में 5 एमसीडी (MCD) अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

  • भवन मालिक गिरफ्तार: पुलिस ने जर्जर इमारत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही दिल्ली में अनधिकृत रूप से बनाई गई पांचवीं मंजिलों को तुरंत सील करने और आसपास के सभी पीजी/भवनों के निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट सख्त: '1 हफ्ते के अंदर कराएं पीजी और हॉस्टल का ऑडिट'

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस घटना को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया है। कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (MCD) और डीयू प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर अधिकारियों ने अपनी कानूनी जिम्मेदारियां निभाई होतीं, तो यह हादसा रोका जा सकता था।

Ad
  • रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर जवाब तलब: कोर्ट ने एमसीडी से पूछा कि क्या पीजी आवासों के संचालन के लिए कोई नियम या रेगुलेटरी फ्रेमवर्क मौजूद है।

  • हॉस्टल सुविधाओं का विवरण: डीयू को बाहर से आने वाले छात्रों की संख्या और यूनिवर्सिटी द्वारा दी जा रही आधिकारिक हॉस्टल सुविधाओं का पूरा ब्योरा देने का निर्देश दिया गया है।

  • 1 हफ्ते का अल्टीमेटम: हाईकोर्ट ने सुरक्षा को देखते हुए एमसीडी को एक हफ्ते के भीतर सभी पीजी और निजी हॉस्टलों का सुरक्षा ऑडिट पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

मृतकों की सूची (Victims List)

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. अभिषेक (पिता: संतोष कुमार) – रेनूकूट, सोनभद्र (उत्तर प्रदेश)

  2. युवराज सोनी (पिता: कन्हैया लाल सोनी) – दुर्ग (छत्तीसगढ़)

  3. पवन (पिता: विशंभरनाथ) – औरैया (उत्तर प्रदेश)

  4. अर्पित जहज (पिता: भूपेंद्र जहज) – देवास (मध्य प्रदेश)

  5. अक्षत सिंह यादव (पिता: मंता सिंह यादव) – कटनी (मध्य प्रदेश)

  6. सुरेंद्र सिंह (पिता: केवल सिंह) – अर्जुन नगर (दिल्ली)

  7. अज्ञात (पहचान की प्रक्रिया जारी)

चीफ फायर ऑफिसर और MCD कमिश्नर का बयान

चीफ फायर ऑफिसर एके मलिक के अनुसार, इमारत गिरने से मौतें आमतौर पर गंभीर चोट लगने, अत्यधिक खून बहने, ऑक्सीजन न मिलने या फिर मलबे के साथ सांस में भारी मात्रा में धूल जाने से दम घुटने के कारण होती हैं।

वहीं, एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार ने बताया, "इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 7 लोगों की जान गई है। दुर्घटनाग्रस्त इमारत के बगल वाली बिल्डिंग भी कमजोर हो गई थी, जिसे रातभर में जैक व अन्य तकनीकों से मजबूत किया गया है। अगले 1-2 दिनों में उसे योजनाबद्ध तरीके से गिराया जाएगा।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 1970 के दशक की इस पुरानी इमारत को पहले कभी कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था और न ही इसके खिलाफ कोई शिकायत मिली थी।