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"जल्द वापसी करूंगा, सबकी पोल खुलेगी": कारोबारियों से लूट में फरार 25 हजारी इनामी SO की धमकी

सुरेरी थाने में बैठकर कारोबारियों का अपहरण और लूट कराने वाले फरार थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह का व्हाट्सएप स्टेटस वायरल; अफसरों में खलबली।

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जौनपुर/वाराणसी (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां सुरेरी थाने में तैनात रहे थानाध्यक्ष (SO) दिव्य प्रकाश सिंह ने अपने पुलिसकर्मियों और सगे भाइयों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह (गैंग) बनाया और दो कारोबारियों का अपहरण कर थाने के अंदर ही लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया।

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मामले का खुलासा होने के बाद फरार चल रहे दागी थानाध्यक्ष पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। इसी बीच, फरार इनामी SO का अपने पर्सनल फोन से लगातार बदल रहा व्हाट्सएप स्टेटस (WhatsApp Status) पुलिस महकमे के उच्च अधिकारियों में खलबली मचा रहा है।

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"सम्मान से जिया हूं... CBI जांच के साथ सभी सबूत मेरे पास हैं"

फरार इनामी थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह अपने व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए लगातार पुलिस अफसरों और अपने विरोधियों को सीधी धमकी दे रहा है। उसके द्वारा लगाए गए व्हाट्सएप स्टेटस में लिखा गया है:

"आज आपने इज्जत ली है, मैं जल्द ही वापसी करूंगा। अपने तरीके से सभी की पोल खुलेगी... सम्मान के साथ जिया हूं, सम्मान के साथ जिएंगे। जिसने भी ऐसा किया है, वो बस अपना सोचे, सभी कहानी और खुलासे के साथ जल्द ही सामने आएंगे।"

एक अन्य स्टेटस में उसने खुदकुशी और सीबीआई जांच की बात लिखते हुए चेतावनी दी:

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"इसकी कीमत मेरी जान है, जो मुझे अब अनुभव हो गया है। जल्द वीडियो बनाने के साथ मर जाऊंगा... जिस स्थान पर मैं जाऊंगा, वहां आप भी रहेंगे। CBI जांच के साथ सभी EVIDENCES (साक्ष्य) मेरे पास मौजूद हैं।"

थाने के अंदर कारोबारियों का अपहरण और लूट, ऐसे हुआ खुलासा

घटनाक्रम की शुरुआत 15 सितंबर को जलालपुर थाना क्षेत्र से हुई:

  1. कारोबारी विजय राजभर से लूट: दो लोगों ने पुलिस का भय दिखाकर कारोबारी विजय राजभर को चार पहिया वाहन में अगवा किया। गाड़ी में पहले से चार लोग सवार थे। उसे सुरेरी थाने ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई और मोबाइल छीनकर यूपीआई (UPI) के जरिए ₹2 लाख से ज्यादा अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।

  2. दूसरा मामला आया सामने: विजय राजभर की शिकायत के बाद एक और कारोबारी सुशील कुमार पांडेय सामने आए। उनके साथ भी सुरेरी थाने में ले जाकर 5 लाख की मांग की गई और जबरन 1.65 लाख रुपये ऑनलाइन व कैश वसूल कर सादे कागजों पर दस्तखत कराए गए।

DIG के निर्देश पर बनी SIT, बेनकाब हुआ खाकी का काला चेहरा

एक ही तरीके से दो कारोबारियों के अपहरण और थाने में ले जाकर लूट की सूचना से वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी (DIG) वैभव कृष्ण ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया।

  • 22 सितंबर को SIT का गठन: एएसपी ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के नेतृत्व में 5 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई।

  • थाने में परेड और पहचान: सुरेरी थाने में तैनात सिपाहियों की परेड कराई गई, जिसमें पीड़ितों ने आरोपियों की पहचान की।

  • सगे भाइयों की संलिप्तता: जांच में खुलासा हुआ कि कारोबारियों का अपहरण करने वाले कोई और नहीं बल्कि SO दिव्य प्रकाश सिंह के दो सगे भाई संकीत सिंह और विकास सिंह थे।

सिपाही गिरफ्तार, भाइयों का कोर्ट में सरेंडर

एसआईटी द्वारा शिकंजा कसते ही पुलिस महकमे ने आरोपी थानाध्यक्ष और संलिप्त सिपाहियों को तत्काल निलंबित कर दिया।

  • मामले में संलिप्त दो सिपाहियों समेत तीन आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

  • वारदात में सहयोग करने वाले थानाध्यक्ष के दोनों सगे भाइयों (विकास सिंह और संकीत सिंह) ने कोर्ट के समक्ष सरेंडर कर दिया है।

  • फिलहाल, 25 हजार का इनामी भगोड़ा थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह पुलिस की पकड़ से बाहर है और लगातार स्टेटस के जरिए अपने ही विभाग के अधिकारियों को खुली चुनौती दे रहा है।