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'भारत नाराज है तो क्या करें...' पाकिस्तान का पक्ष लेते हुए तुर्की के विदेश मंत्री ने दिखाए तेवर

'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तान को ड्रोन देने वाले तुर्की के सुर बदले; द्विपक्षीय मुद्दों को भुलाकर भारत से आगे बढ़ने की वकालत

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इंटरनेशनल डेस्क: आतंकवाद के मुद्दे पर हमेशा पाकिस्तान का साथ देने वाला तुर्की एक बार फिर भारत को तेवर दिखाता नजर आ रहा है। तुर्की का कहना है कि दुनिया में सिर्फ वही अकेला देश नहीं है जिसके पाकिस्तान से अच्छे संबंध हैं, बल्कि कई और मुल्क भी पाकिस्तान के साथ खड़े हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में भारत द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान तुर्की द्वारा पाकिस्तान को सैन्य और ड्रोन सहायता देने की खबरें सुर्खियों में रही थीं।

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भारत के साथ हमारा कोई विवाद नहीं: हाकन फिदान

'इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटजिक स्टडीज' (IISS) के एक विशेष कार्यक्रम में पहुंचे तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने भारत के साथ अपने देश के रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, "हम चाहते हैं कि भारत के साथ हमारे संबंध अच्छे रहें। भारत के साथ हमारी कोई सीमा साझा नहीं होती और न ही कोई द्विपक्षीय विवाद है। हमारा कोई बुरा इतिहास भी नहीं रहा है, इसलिए अच्छे संबंध रखने के कई सकारात्मक कारण मौजूद हैं।"

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पाकिस्तान से दोस्ती का किया बचाव, भारत को दी हिदायत

द्विपक्षीय संबंधों की बात करते-करते तुर्की के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के साथ अपनी ऐतिहासिक एकजुटता और भाईचारे का पुरजोर बचाव किया। भारत को एक तरह से नसीहत देते हुए फिदान ने कहा, "तुर्की ही एकमात्र ऐसा देश नहीं है जिसके पाकिस्तान से अच्छे और भाईचारे वाले संबंध हैं। ऐसे और भी कई देश हैं। अगर भारत उन सभी देशों से नाराज होने लगेगा जो पाकिस्तान का साथ देते हैं, तो इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता।"

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उन्होंने आगे परिपक्वता (Maturity) दिखाने की बात करते हुए कहा कि तुर्की के अमेरिका, रूस और कुछ यूरोपीय देशों के साथ भी मतभेद हैं, लेकिन वे नकारात्मक मुद्दों को हटाकर सकारात्मक एजेंडे के साथ आगे बढ़ते हैं। भारत और तुर्की के बीच भी ऐसा ही होना चाहिए और भारत को इसे किसी अलग नजरिए से नहीं देखना चाहिए।

'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तान का मददगार रहा है तुर्की

तुर्की के विदेश मंत्री भले ही आज भारत से सकारात्मक रिश्तों की दुहाई दे रहे हों, लेकिन इतिहास गवाह है कि तुर्की ने हमेशा पीठ पीछे पाकिस्तान की मदद की है। रक्षा सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने मई 2026 में 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय जांबाजों ने सीमा पार (पाकिस्तानी क्षेत्र में) घुसकर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया था।

उस दौरान यह बात सामने आई थी कि तुर्की ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान की बढ़-चढ़कर मदद की थी। तुर्की ने पाकिस्तान को अपने खतरनाक 'बायराक्तार टीबी2' (Bayraktar TB2) और 'YIHA' ड्रोन्स के साथ-साथ करीब 350 सैन्य सलाहकार और ऑपरेटर्स भी मुहैया कराए थे, जिन्होंने भारतीय सेना के खिलाफ ड्रोन हमलों की रणनीति बनाने में पाकिस्तानी सेना की मदद की थी। ऐसे में तुर्की का यह ताजा बयान उसकी दोहरी नीति को साफ उजागर करता है।