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ट्रंप का चीन में भव्य स्वागत: शी जिनपिंग को बताया 'महान नेता', बोले- 'मुझे परवाह नहीं कुछ लोग क्या सोचते हैं'

बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में ट्रंप को दिया गया रेड कार्पेट वेलकम, व्यापारिक रिश्तों और अमेरिकी उद्योगों के लिए चीनी बाजार खुलवाने पर होगी चर्चा

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बीजिंग: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर चीन की राजधानी बीजिंग पहुंच चुके हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में ट्रंप का बेहद भव्य और सैन्य सम्मान के साथ स्वागत किया। यह यात्रा पहले मार्च में होनी थी, लेकिन ईरान संकट के चलते इसमें देरी हुई। 2017 के बाद राष्ट्रपति के तौर पर ट्रंप की यह पहली चीन यात्रा है, जिसे वैश्विक राजनीति के लिहाज से 'अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन' माना जा रहा है।

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रेड कार्पेट वेलकम और बच्चों का उत्साह

ट्रंप के आगमन पर बीजिंग में उत्सव जैसा माहौल दिखा। दोनों नेताओं की मौजूदगी में अमेरिका और चीन के राष्ट्रगान बजाए गए, जिसके बाद ट्रंप और शी ने रेड कार्पेट पर चलते हुए गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। समारोह के दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने फूलों और नारों के साथ दोनों दिग्गजों का अभिवादन किया।

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'शी जिनपिंग एक महान नेता हैं' - ट्रंप

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप का अंदाज काफी आक्रामक लेकिन शी जिनपिंग के प्रति नरम दिखा। उन्होंने शी के साथ अपने निजी तालमेल (Personal Chemistry) की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने कहा:

"शी जिनपिंग एक महान देश के महान नेता हैं। अमेरिका में कुछ लोग मेरी आलोचना करते हैं, लेकिन मुझे उनकी परवाह नहीं है। मैं खुले तौर पर कहता हूं कि शी मेरे दोस्त हैं और उनके नेतृत्व में चीन ने अद्भुत काम किया है।"

ट्रंप ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में अमेरिका और चीन के संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत और स्थिर होंगे।

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शी जिनपिंग ने दिया स्थिरता का मंत्र

वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रिश्तों में परिपक्वता और स्थिरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच जो साझा हित हैं, वे आपसी मतभेदों से कहीं अधिक बड़े हैं। शी ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों की प्रगति एक-दूसरे के लिए खतरे के बजाय अवसर पैदा करती है, और यह स्थिरता पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है।

क्या है इस दौरे का असली मकसद?

भले ही मंच पर दोस्ती के दावे किए जा रहे हों, लेकिन इस दौरे का असली एजेंडा व्यापारिक संतुलन है। ट्रंप ने चीन रवाना होने से पहले ही साफ कर दिया था कि वह अमेरिकी उद्योगों के लिए चीन के दरवाजे खुलवाना चाहते हैं। व्यापार घाटे को कम करना और अमेरिकी कंपनियों को चीनी बाजार में अधिक पहुंच दिलाना इस शिखर सम्मेलन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह दौरा न केवल व्यापार, बल्कि दक्षिण चीन सागर और वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर भी भविष्य की दिशा तय करेगा।