ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम को "अनिश्चित काल" के लिए बढ़ाया; घोषणा के कुछ ही घंटों बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमला
पाकिस्तान में शांति वार्ता विफल होने और ईरान द्वारा कंटेनर जहाज को निशाना बनाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर; वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल।
ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम को "अनिश्चित काल" के लिए बढ़ाया; घोषणा के कुछ ही घंटों बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमला
पाकिस्तान में शांति वार्ता विफल होने और ईरान द्वारा कंटेनर जहाज को निशाना बनाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर; वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हलचल।
वॉशिंगटन/तेहरान
अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही नाजुक चल रही शांति को बुधवार को उस समय गहरा झटका लगा, जब ईरानी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक कंटेनर जहाज पर गोलीबारी की। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम (Ceasefire) को "अनिश्चित काल" के लिए बढ़ाने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हुआ।


हालांकि जहाज को नुकसान पहुंचा है, लेकिन इस घटना ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों और कूटनीतिक प्रयासों को हिलाकर रख दिया है। यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता विफल हो गई, जिससे कूटनीतिक समाधान का रास्ता और कठिन हो गया है।
ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पर कड़ा रुख और वित्तीय दबाव
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर घोषणा की कि वह संघर्ष विराम को बढ़ा रहे हैं ताकि तेहरान से एक "एकीकृत प्रस्ताव" मिल सके। हालांकि, उन्होंने ईरान की आर्थिक स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि ईरान आर्थिक रूप से टूट रहा है।

ट्रंप ने लिखा: "ईरान आर्थिक रूप से बर्बाद हो रहा है! वे चाहते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत खोला जाए ताकि वे प्रति दिन 500 मिलियन डॉलर कमा सकें। ईरान नकदी के लिए तड़प रहा है।"
ईरान ने अभी तक संघर्ष विराम विस्तार पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन होर्मुज में की गई कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि वह दबाव में झुकने को तैयार नहीं है।
इराक पर बढ़ा दबाव: 500 मिलियन डॉलर की नकदी रोकी
क्षेत्रीय तनाव का असर पड़ोसी देश इराक पर भी पड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने इराक जा रहे लगभग $500 मिलियन (करीब 50 करोड़ डॉलर) के बैंक नोटों से भरे एक विमान को रोक दिया है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, वाशिंगटन ने इराक में ईरान समर्थित उग्रवादी समूहों द्वारा अमेरिकी हितों पर किए जा रहे हमलों के विरोध में यह कदम उठाया है। इसमें 8 अप्रैल को बगदाद में अमेरिकी राजनयिकों पर हुआ हमला भी शामिल है। अमेरिका के इस वित्तीय प्रहार ने बगदाद को एक मुश्किल स्थिति में डाल दिया है।
निष्कर्ष
जहां एक ओर ट्रंप प्रशासन संघर्ष विराम के जरिए समय हासिल करने की कोशिश कर रहा है, वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई गोलाबारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी समझौते के अभाव में दोनों देश युद्ध फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
