ट्रंप को बड़ा झटका! AI में अमेरिका को सुपरपावर बनाने वाले भारतीय मूल के श्रीराम कृष्णन ने दिया इस्तीफा
डेविड सैक्स ने की जमकर तारीफ: "मुश्किल होगा ऐसा विकल्प ढूंढना"
वॉशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के सबसे प्रभावशाली भारतीय-अमेरिकी चेहरों में से एक और दिग्गज टेक्नोलॉजी सलाहकार श्रीराम कृष्णन ने व्हाइट हाउस से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। पिछले 18 महीनों से अमेरिका को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में दुनिया का सिरमौर बनाने के लिए रणनीति तैयार कर रहे कृष्णन इस महीने के अंत में अपनी भूमिका छोड़ देंगे।


श्रीराम कृष्णन ने सोशल मीडिया के जरिए अपने इस फैसले की जानकारी दी और ट्रंप प्रशासन के साथ अपने कार्यकाल को 'जीवन का सबसे बड़ा सम्मान' बताया।
व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद क्या है भविष्य का प्लान?
श्रीराम कृष्णन ने अपने पोस्ट में बताया कि वह फिलहाल कुछ समय का ब्रेक लेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वह पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। उन्होंने कहा, "मैं इस महीने के आखिर में व्हाइट हाउस में अपनी भूमिका छोड़ रहा हूं। कुछ समय के ब्रेक के बाद मैं अमेरिका के सामने मौजूद AI से जुड़ी बड़ी चुनौतियों को हल करने में मदद करने के लिए वापस लौटूंगा।"

कृष्णन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में काम करने को गर्व की बात बताया और भविष्य में देश के लिए बड़े संस्थान बनाने की इच्छा जाहिर की।
डेविड सैक्स ने की जमकर तारीफ: "मुश्किल होगा ऐसा विकल्प ढूंढना"
व्हाइट हाउस के प्रमुख AI और क्रिप्टो सलाहकार डेविड सैक्स ने कृष्णन के योगदान की सराहना करते हुए इसे अपूरणीय बताया। सैक्स ने कहा, "AI की गहरी तकनीकी समझ, नीतियों की जानकारी और कूटनीतिक कौशल का ऐसा अद्भुत तालमेल बहुत कम लोगों में मिलता है।"

हालांकि कृष्णन सरकार से बाहर जा रहे हैं, लेकिन सैक्स ने उम्मीद जताई कि वह बाहर रहकर भी प्रशासन को महत्वपूर्ण विषयों पर सलाह देते रहेंगे।
भारत और फ्रांस तक बढ़ाई अमेरिकी AI की धाक
अपने 18 महीने के कार्यकाल के दौरान श्रीराम कृष्णन ने न केवल घरेलू नीतियां बनाईं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अमेरिकी हितों को मजबूती से रखा। उन्होंने:
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भारत और फ्रांस में आयोजित प्रमुख AI सम्मेलनों में अमेरिका का प्रतिनिधित्व किया।
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ब्रिटेन और मध्य पूर्व के देशों की कूटनीतिक यात्राओं के जरिए अमेरिकी AI सिस्टम को बढ़ावा दिया।
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सहयोगी देशों के साथ मिलकर एक सुरक्षित और उन्नत तकनीकी ईकोसिस्टम तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाई।
AI के सामने हैं कई बड़ी चुनौतियां
श्रीराम कृष्णन का मानना है कि AI की दुनिया जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही जटिल चुनौतियां भी पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा की खपत, डेटा सेंटरों का प्रबंधन और आम जनता तक सुरक्षित तरीके से AI के फायदे पहुंचाना सबसे कठिन काम होगा।
अब वह ऐसे संस्थानों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेंगे जो अमेरिका और उसके मित्र देशों को इन भविष्य की तकनीकी बाधाओं से निपटने में मदद कर सकें।
