संकट में Social Security और Medicare! फंड बचाने के लिए अमेरिका में बन सकता है स्पेशल कमीशन, जानें क्या है पूरा प्लान
सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर के वित्तीय संकट को टालने के लिए कांग्रेस में विधेयक पेश, 1983 के 'ग्रीनस्पैन कमीशन' की तर्ज पर समाधान खोजने की कोशिश।
वाशिंगटन: अमेरिका में बुजुर्गों, दिव्यांगों और कामकाजी परिवारों के लिए लाइफलाइन माने जाने वाले 'सोशल सिक्योरिटी' (Social Security) और 'मेडिकेट' (Medicare) प्रोग्राम को बड़े वित्तीय संकट से बचाने के लिए संसद (Congress) में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दोनों ही प्रमुख दलों (रिपब्लिकन और डेमोक्रेट) के विशेषज्ञों को मिलाकर एक द्विपक्षीय आयोग बनाने के लिए विधेयक पेश किया गया है, जो इन योजनाओं को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सुधारों का खाका तैयार करेगा।


क्या है नया प्रस्ताव और कौन लाया इसे?
रिपब्लिकन सांसद गस बिलािराकिस (Rep. Gus Bilirakis) ने मंगलवार को सदन में 'कमिशन ऑन सस्टेनिंग मेडिकेयर एंड सोशल सिक्योरिटी' (Commission on Sustaining Medicare and Social Security) के गठन का प्रस्ताव फिर से पेश किया।
यह आयोग तुरंत कोई नीतिगत बदलाव लागू नहीं करेगा, बल्कि इसका मुख्य काम इन योजनाओं के वित्तीय भविष्य का गहराई से अध्ययन करना होगा। आयोग ट्रस्ट फंड के अनुमानों, मिलने वाले फायदों के ढांचे और 'कॉस्ट-ऑफ-लिविंग एडजस्टमेंट' (COLA) का मूल्यांकन करके अमेरिकी कांग्रेस के सामने कई विकल्प रखेगा, जिसे संसद मंजूरी दे सकती है या उसमें संशोधन कर सकती है।

विधेयक पेश करते हुए सांसद गस बिलािराकिस ने कहा,
"मेडिकेयर और सोशल सिक्योरिटी अमेरिका के वरिष्ठ नागरिकों और कामकाजी परिवारों के प्रति एक पवित्र वादा है, जिन्होंने जीवनभर इसमें योगदान दिया है। हमारी यह नैतिक जिम्मेदारी है कि हम इसे आज के लाभार्थियों के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित करें। हम इस मुद्दे पर जितना देर करेंगे, हमारे पास विकल्प उतने ही कम और कठिन होते जाएंगे।"
1980 के दशक के 'ग्रीनस्पैन मॉडल' पर टिकी उम्मीदें
इस आयोग का मॉडल साल 1983 में बने मशहूर 'ग्रीनस्पैन कमीशन' (Greenspan Commission) से प्रेरित है। उस समय भी इस स्वतंत्र आयोग की सिफारिशों के आधार पर सोशल सिक्योरिटी में बड़े ऐतिहासिक सुधार किए गए थे।
इस कदम के समर्थकों का मानना है कि सीधे संसद में राजनीतिक खींचतान करने के बजाय, शुरुआती विश्लेषण को एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था को सौंपने से राजनीतिक गतिरोध (Gridlock) को तोड़ा जा सकता है।

क्यों है चिंता? 2030 के शुरुआती दशक में खत्म हो सकता है फंड
आंकड़ों के मुताबिक, अगर अमेरिकी कांग्रेस ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो साल 2030 के शुरुआती दशक (Early 2030s) में सोशल सिक्योरिटी का मुख्य ट्रस्ट फंड पूरी तरह से खाली हो सकता है। मौजूदा कानून के तहत, फंड खत्म होने पर रिटायर्ड लोगों को मिलने वाली राशि (Benefits) में अपने आप कटौती हो जाएगी। इसके साथ ही मेडिकेयर पर भी भारी वित्तीय दबाव बना हुआ है।
आलोचकों का क्या है कहना? हालांकि, हर कोई इस आयोग के पक्ष में नहीं है। कुछ जानकारों का मानना है कि ऐसे आयोग अक्सर फैसलों में 'देरी करने का जरिया' बन जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके मुख्य समाधान पहले से ही साफ हैं—या तो पेरोल टैक्स बढ़ाकर राजस्व (Revenue) बढ़ाया जाए, या भविष्य में मिलने वाले फायदों में कटौती की जाए, या फिर दोनों का मिला-जुला रूप अपनाया जाए।
रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर आम जनता में भ्रम; विशेषज्ञों की सलाह
वाशिंगटन की इस राजनीतिक हलचल के बीच, जमीनी स्तर पर वित्तीय सलाहकार (Financial Advisors) मान रहे हैं कि सोशल सिक्योरिटी को लेकर आम जनता में काफी भ्रम है।
'नेशनल रिवर्स मॉर्टगेज लेंडर्स एसोसिएशन' के एक हालिया वेबिनार में 'नेशनल एसोसिएशन ऑफ रजिस्टर्ड सोशल सिक्योरिटी एनालिस्ट्स' के थॉमस ड्रेपाला ने कहा कि रिटायरमेंट के बाद सोशल सिक्योरिटी के अलावा व्यक्ति की सबसे बड़ी संपत्ति उसका अपना घर होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को किसी भी वित्तीय स्कीम या प्रोडक्ट में निवेश करने से पहले सोशल सिक्योरिटी के सही नियमों और सही समय पर क्लेम करने की रणनीति को समझना चाहिए, ताकि वे रिटायरमेंट के बाद एक सुरक्षित जीवन जी सकें।
