कौन हैं शबाना महमूद? एपस्टीन फाइल विवाद के बीच ब्रिटेन की पहली मुस्लिम PM बनने की चर्चा तेज
लेबर पार्टी में नेतृत्व संकट गहराया, प्रधानमंत्री कीर स्टारमर पर बढ़ा दबाव; होम सेक्रेटरी शबाना महमूद का नाम संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर उभरा
लंदन। ब्रिटेन की राजनीति इस समय बड़े भूचाल से गुजर रही है। अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर उठे विवाद के बाद प्रधानमंत्री कीर स्टारमर पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। लेबर पार्टी के भीतर इस्तीफों, असंतोष और गिरती लोकप्रियता के बीच अब नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है।


इसी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक नाम तेजी से उभर रहा है -शबाना महमूद। मौजूदा होम सेक्रेटरी और लेबर पार्टी की वरिष्ठ नेता शबाना महमूद को संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो वह ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं।

क्यों चर्चा में आईं शबाना महमूद?
एपस्टीन फाइल्स विवाद के बाद लेबर पार्टी को बड़ा झटका लगा है। आरोप है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता पीटर मैंडलसन के एपस्टीन से पुराने संबंध रहे हैं। इस मामले के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। कई सांसदों ने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री से जवाबदेही की मांग की है।

मतदान सर्वेक्षणों में भी लेबर की लोकप्रियता गिरती दिख रही है। ऐसे में पार्टी के अंदर नेतृत्व बदलाव को लेकर मंथन शुरू हो गया है — और इसी क्रम में शबाना महमूद का नाम सबसे आगे चल रहा है।
कौन हैं शबाना महमूद?
45 वर्षीय शबाना महमूद इस समय ब्रिटेन की होम सेक्रेटरी हैं। वह 2010 में संसद पहुंचीं और देश की पहली महिला मुस्लिम सांसदों में शामिल रहीं। उनका जन्म बर्मिंघम में हुआ था। उनके माता-पिता की जड़ें पाकिस्तान और मीरपुर (पीओके) से जुड़ी हैं।
शबाना महमूद ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के लिंकन कॉलेज से कानून की पढ़ाई की और बाद में बैरिस्टर के रूप में काम किया। राजनीति में आने से पहले वह एक सफल वकील रहीं।
लेबर पार्टी में बढ़ता कद
लेबर पार्टी में शबाना महमूद को कीर स्टारमर की करीबी सहयोगी माना जाता है। पार्टी के भीतर उन्हें दक्षिणपंथी धड़े के प्रभावशाली चेहरे के रूप में देखा जाता है। 2025 में होम ऑफिस की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनका राष्ट्रीय कद और मजबूत हुआ है।
माइग्रेशन नीति को लेकर विवाद
होम सेक्रेटरी बनने के बाद शबाना महमूद की सबसे ज्यादा चर्चा उनकी माइग्रेशन नीति को लेकर हुई। उन्होंने स्थायी निवास की अवधि पांच साल से बढ़ाकर दस साल करने का प्रस्ताव रखा था और कहा था कि नागरिकता “अधिकार नहीं, विशेषाधिकार” है।
इस फैसले का करीब 40 लेबर सांसदों ने विरोध किया। आलोचकों का कहना है कि इससे हेल्थकेयर सेक्टर समेत कई क्षेत्रों में स्टाफ की कमी और बढ़ सकती है।
क्या बनेंगी ब्रिटेन की पहली मुस्लिम PM?
फिलहाल लेबर पार्टी में औपचारिक नेतृत्व चुनौती सामने नहीं आई है, लेकिन अंदरखाने समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कीर स्टारमर की स्थिति और कमजोर होती है, तो शबाना महमूद पार्टी की कमान संभालने वाली सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल होंगी।
