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रूसी राष्ट्रपति पुतिन का 11 सितंबर को भारत दौरा: PM मोदी संग होगी उच्चस्तरीय बैठक, Su-57 जेट और व्यापार पर टिकीं निगाहें

9 महीने में पुतिन का दूसरा भारत दौरा; नई दिल्ली में मोदी-पुतिन बैठक में Su-57 फाइटर जेट, द्विपक्षीय व्यापार और तेल आयात पर होगी अहम चर्चा

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भदैनी मिरर (अंतरराष्ट्रीय डेस्क)

 रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आगामी 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं। नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाली ब्रिक्स नेताओं की मुख्य बैठक से ठीक एक दिन पहले, 11 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता होगी।

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क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि रूस भारत को अपना सबसे भरोसेमंद और रणनीतिक साझेदार मानता है। महज 9 महीनों के भीतर पुतिन की यह दूसरी भारत यात्रा होगी; इससे पहले वे 4 दिसंबर 2025 को दिल्ली आए थे।

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Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट की डील पर चर्चा संभव

इस उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा सहयोग सबसे प्रमुख एजेंडा रहने वाला है। क्रेमलिन के अनुसार, रूस भारत को अपना अत्याधुनिक Su-57 (पाँचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान) बेचने का प्रस्ताव रखेगा।

  • Su-57 की खासियत: यह रडार से बच निकलने की क्षमता (Stealth Technology) वाला रूसी फाइटर जेट है, जो हवा और जमीन दोनों पर सटीक निशाना साध सकता है।

  • रक्षा रणनीतिक साझेदारी: भारत और रूस पहले ही 'ब्रह्मोस' मिसाइल जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर मिलकर काम कर रहे हैं। ऐसे में Su-57 पर होने वाली बातचीत दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है।

रूस-यूक्रेन युद्ध और क्षेत्रीय संकट पर मंथन

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बैठक के दौरान वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा होगी:

  1. रूस-यूक्रेन युद्ध: दोनों नेता युद्ध के मौजूदा हालात, शांति की संभावनाओं और इसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे प्रभावों की समीक्षा करेंगे।

  2. फारस की खाड़ी में तनाव: खाड़ी देश में जारी अस्थिरता और वैश्विक व्यापार पर उसके असर को लेकर भी दोनों देश साझा रणनीति पर बात कर सकते हैं।

रुपया-रूबल में रिकॉर्ड 96% कारोबार और तेल आयात

पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद भारत और रूस के व्यापारिक संबंध नए आयाम छू रहे हैं।

  • रिकॉर्ड व्यापार: वर्ष 2024 में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 70 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।

  • तेल सप्लायर: जुलाई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 50.83% रही (लगभग 24.7 लाख बैरल प्रतिदिन)।

  • स्थानीय मुद्रा में व्यापार: वर्तमान में भारत और रूस के बीच 96% व्यापार स्थानीय मुद्राओं (रुपया और रूबल) में हो रहा है, जिसमें दोनों देशों के 39 प्रमुख बैंक शामिल हैं।

भारत में 18वें BRICS सम्मेलन की मेजबानी

भारत वर्ष 2026 में ब्रिक्स (BRICS) समूह की अध्यक्षता कर रहा है। 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें शिखर सम्मेलन में 11 सदस्य देशों (भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई, सऊदी अरब और इंडोनेशिया) के राष्ट्रध्यक्ष शिरकत करेंगे। यह सम्मेलन वैश्विक आर्थिक व सामाजिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।