Pakistan Crisis: 'सिंध की धरती हमारी मां, बंटा तो संभाल नहीं पाओगे' — असीम मुनीर को PPP की खुली चुनौती
पाकिस्तान को 12-15 प्रांतों में बांटने की योजना पर भड़की पीपीपी; सीएम मुराद अली शाह बोले- बंटवारा बर्दाश्त नहीं, बलूचिस्तान जैसे बनेंगे हालात
भदैनी मिरर (अंतरराष्ट्रीय डेस्क): पड़ोसी देश पाकिस्तान में प्रशासनिक फेरबदल के नाम पर प्रांतों के बंटवारे को लेकर भारी सियासी घमासान छिड़ गया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख (Army Chief) जनरल असीम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी द्वारा देश के 4 प्रांतों को तोड़कर 12 से 15 नए प्रांत बनाने के गुप्त प्रस्ताव पर सिंध विधानसभा ने कड़ा रुख अपनाया है।

सिंध असेंबली ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रांत के बंटवारे या कराची को अलग कर नया 'दक्षिणी प्रांत' बनाने की किसी भी कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया है।
'बंटवारा हुआ तो बलूचिस्तान जैसे बनेंगे हालात'
सिंध में सत्तारूढ़ 'पाकिस्तान पीपल्स पार्टी' (PPP) के नेताओं और मंत्रियों ने असेंबली के भीतर खड़े होकर पाकिस्तानी सेना और शहबाज सरकार को खुली चुनौती दी।

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मुख्यमंत्री मुराद अली शाह का कड़ा रुख: सिंध के सीएम मुराद अली शाह ने कहा कि "सिंध की क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ऊपर से फैसले थोपे जा रहे हैं। हम अपने प्रांत के टुकड़े किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
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बगावत और सड़कों पर उतरने की चेतावनी: असेंबली में जारी बहसों के दौरान सिंधी नेताओं ने साफ कहा कि 'सिंध की धरती हमारी मां है, इसके लिए हम मर मिटने को तैयार हैं।' नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर जबरन बंटवारा किया गया तो पूरा सिंध सड़कों पर होगा और हालात बलूचिस्तान की तरह बेकाबू और हिंसक हो जाएंगे।
आसिफ जरदारी नाराज होकर पहुंचे लंदन, नकवी ने की मुलाकात
पाकिस्तान के राष्ट्रपति और पीपीपी के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी और बिलावल भुट्टो भी इस योजना से बेहद नाराज बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जरदारी सेना के इस प्रस्ताव से नाराज होकर ही लंदन चले गए थे, जिसके बाद गृह मंत्री मोहसिन नकवी को उन्हें मनाने के लिए लंदन पहुंचना पड़ा।

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राजनीतिक अस्तित्व पर संकट: सिंध पीपीपी का सबसे मजबूत गढ़ है। अगर सिंध को विभाजित किया जाता है या कराची को अलग किया जाता है, तो पीपीपी का राजनीतिक वर्चस्व पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
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बलूचिस्तान और सिंध की संवेदनशीलता: जरदारी का मानना है कि बलूचिस्तान में पहले से ही उग्रवाद और हिंसा चरम पर है। ऐसे में सिंध और बलूचिस्तान को छेड़ना पूरे पाकिस्तान को गृहयुद्ध में झोंकने जैसा होगा।
असीम मुनीर का प्लान और पाकिस्तान में अनिश्चितता
माना जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर करने और प्रांतीय सरकारों की शक्ति घटाने के लिए छोटे राज्य बनाना चाहते हैं। लेकिन सिंध असेंबली के इस उग्र तेवर ने सेना और केंद्र सरकार के होश उड़ा दिए हैं।
यदि पाकिस्तानी सेना अपने फैसले पर अड़ी रहती है, तो आने वाले दिनों में सिंध प्रांत में बड़ा जन-आंदोलन और गृहयुद्ध जैसी स्थिति बन सकती है।
