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उधर, ईरान पर अमेरिका और इस्राइल का हमला, तबाही और इधर, भारत के उद्योगपति मुकेश अम्बानी से ट्रंप की हो गई 300 अरब डॉलर डील 

खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने किया एलान, बताया अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी डील

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ऊर्जा कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को इस बड़े निवेश के लिए दिया धन्यवाद 

नई दिल्ली। एक ओर अमेरिका, इस्राइल के ईरान पर हमले के दौरान तबाही और दुनिया में तरह-तरह की आशंकाओं के बीच इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और भारत के अरबपति व प्रधानमंत्री के मित्र मुकेश अम्बानी के बीच 300 करोड़ की डील हो गई। इस बात की घोषणा खुद ट्रम्प ने की। अमेरिकी राष्ट्रपति बड़ा ऐलान करते हुए कहाकि इस परियोजना में भारत के अरबपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज निवेश करेगी। भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज के इनवेस्टमेंट से टेक्सास के ब्राउनसविले में नई ऑयल रिफाइनरी खोली जाएगी। यह बात ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखीं।

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ट्रम्प ने कहाकि यह 300 अरब डॉलर की ऐतिहासिक डील अमेरिका के इतिहास की सबसे बड़ी डील है। यह अमेरिकी कामगारों, ऊर्जा क्षेत्र और दक्षिण टेक्सस के शानदार लोगों के लिए एक बड़ी जीत है। मैं भारत में हमारे साझेदारों और वहां की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को इस बड़े निवेश के लिए धन्यवाद देता हूं। ईरान युद्ध की वजह से तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह एलान किया है। ट्रंप के मुताबिक़ अमेरिका फ़र्स्ट रिफ़ाइनिंग की ओर से लगाई जाने वाली इस रिफ़ाइनरी में भारतीय कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ सहयोग करेगी। उन्होंने इसे अमेरिकी एनर्जी सेक्टर के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है।
आपको बता दें कि ईरान पर इसराइल और अमेरिका के हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी। इसके बाद कच्चे तेल की कीमत घटकर 90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।

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हालांकि कच्चे तेल की यह कीमत भी 28 फ़रवरी से शुरू हुए युद्ध से पहले की कीमतों से काफ़ी ज़्यादा है। फ़रवरी में इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की कीमत 69 डॉलर प्रति बैरल थी। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की आवाजाही में बाधा डाली गई तो उस पर 20 गुना अधिक ताक़त के साथ हमला करेंगे। ट्रंप के इस एलान को अंतरराष्ट्रीय तेल मार्केट में सप्लाई सुनिश्चित करने की अमेरिकी कोशिशों से जोड़कर देखा जा रहा है। आपको यह भी बता दें कि इससे पहले अमेरिका ने भारत को रूस से तेल ख़रीदने के लिए 30 दिन की छूट दी थी। ट्रंप का यह क़दम इसलिए भी अहम माना जा रहा है कि भारत में ऑयल रिफ़ाइनरी इंडस्ट्री की क्षमता काफी ज़्यादा है। भारत ऑयल रिफाइनिंग क्षमता के मामले में दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल है। अमेरिका के टेक्सास में कच्चा तेल निकलता है। पोर्ट ऑफ ब्राउन्सविले प्रमुख बंदरगाह है। नई रिफायनरी बनने से अमेरिका अपने कच्चे तेल से प्रोडक्ट बनाकर दुनिया के बाजारों में बेच सकेगा।

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