नेपाल: बूढ़ीगंडकी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़,
उत्तरी-मध्य नेपाल में बाढ़ का भारी तांडव; त्रिशूली नदी में मिलने वाली बूढ़ीगंडकी का जलस्तर बढ़ने से काठमांडू मार्ग पर स्थित आरुघाट शहर खाली कराया गया
काठमांडू (भदैनी मिरर)। उत्तर-मध्य नेपाल में प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर तबाही मचाई है। रविवार (11 अक्टूबर 2026) को बूढ़ीगंडकी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ (Flash Flood) के कारण कई घर, मवेशी शेड और अन्य बुनियादी संरचनाएं बह गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने प्रभावित तटीय गांवों को तुरंत खाली करा लिया है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तबाही की तस्वीरें
आपदा प्रबंधन एजेंसी वर्तमान में बूढ़ीगंडकी नदी में अचानक आई इस भीषण बाढ़ के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। यह नदी आगे चलकर त्रिशूली नदी में मिलती है और राजधानी काठमांडू के पास एक प्रमुख जलमार्ग बनाती है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में ऊंचे पहाड़ों के बीच उफान मारती नदी में मकानों और इमारतों को बहते हुए देखा जा सकता है। सरकारी चेतावनी के बाद काठमांडू को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले हाईवे पर स्थित प्रमुख तटीय शहर आरुघाट में भी बड़े पैमाने पर निकासी (Evacuation) कराई गई है।
नेपाली सेना और प्रशासन राहत-बचाव में जुटा
नेपाल सेना द्वारा साझा की गई तस्वीरों और जानकारी के अनुसार, बूढ़ीगंडकी नदी पूरी तरह उफान पर है। प्रभावित पहाड़ी क्षेत्रों में कई छोटे-छोटे गांव इस आपदा की चपेट में आए हैं। नेपाली सेना की टुकड़ियां और स्थानीय प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा राहत सामग्री वितरण के काम में लगातार जुटे हुए हैं।
अगस्त की तबाही के बाद फिर बढ़ा नेपाल का संकट
नेपाल अभी अगस्त में नेपाल-चीन सीमा के पहाड़ी इलाकों में आई उस विनाशकारी बाढ़ के जख्मों से उबर भी नहीं पाया था, जिसने 1,400 से अधिक लोगों की जान ले ली थी और हजारों को लापता कर दिया था।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के कार्यालय ने हाल ही में राहत और बचाव अभियानों के पूरा होने की घोषणा करते हुए अब पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही थी। सरकार के अनुमान के अनुसार, देश में पुनर्निर्माण कार्य पर लगभग 4.77 अरब डॉलर का खर्च आएगा। इस मानसून में लगभग 33,000 लोग प्रभावित हुए हैं और करीब 7,500 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुके हैं।
