गुलाम जम्मू-कश्मीर में मुनीर की सेना का तांडव: 4 दिनों में 50 से अधिक लोगों की मौत, सड़कों पर उतरे हजारों नागरिक
पाक सेना की बर्बरता पर मानवाधिकार संगठनों की चिंता: संयुक्त राष्ट्र पहुंचा यूकेपीएनपी का प्रतिनिधिमंडल, जेएएसी ने जारी किया साइबर अलर्ट।
नई दिल्ली: गुलाम जम्मू-कश्मीर (PoJK) में बीते दो महीनों से अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे आम नागरिकों पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की बर्बरता चरम पर पहुंच गई है। आंदोलन का नेतृत्व कर रही 'ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) ने दावा किया है कि पिछले चार दिनों के भीतर पाकिस्तानी सेना और पुलिस की गोलीबारी व बल प्रयोग में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों नागरिक गंभीर रूप से घायल हैं।


शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर गोलियां बरसा रही पाक सेना
जेएएसी (JAAC) के वरिष्ठ सदस्य सरदार उमर नाजिर कश्मीरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी देते हुए बताया कि बीते चार दिनों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अब तक की सबसे क्रूर कार्रवाई की है। मुजफ्फराबाद समेत पीओजेके के विभिन्न शहरों में देर रात तक हजारों नागरिक सड़कों पर डटे हुए हैं। वे अपने बुनियादी मानवाधिकारों की बहाली और स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए वादों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।

सबूत मिटाने के लिए अस्पतालों से गायब किए जा रहे शव!
अमेरिका स्थित अंतरराष्ट्रीय संगठन ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन (HRF) ने पीओजेके में हो रहे भीषण मानवाधिकार उल्लंघनों पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। एचआरएफ ने स्थानीय नागरिक संगठनों के हवाले से बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने सीधी गोलियां चलाईं।

आंदोलनकारियों का गंभीर आरोप है कि पाकिस्तानी प्रशासन और सेना साक्ष्य मिटाने के लिए अस्पतालों से मृतकों के शवों को गायब करवा रही है। इसके साथ ही सैकड़ों युवाओं को जबरन हिरासत में लेकर अज्ञात स्थानों पर भेजा गया है। एचआरएफ ने पाकिस्तान सरकार से मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल करने और हिंसा की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) पहुंचा मामला, अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग
पीओजेके में जारी कत्लेआम को लेकर यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) के चेयरमैन सरदार शौकत अली कश्मीरी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर पीओजेके में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे अत्याचारों का ब्योरा सौंपा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप कर मासूम नागरिकों की जान बचाने की अपील की।
तनाव के बीच JAAC ने समर्थकों के लिए जारी किया साइबर अलर्ट
इस बीच, जेएएसी ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए साइबर सुरक्षा संबंधी चेतावनी जारी की है। संगठन ने बताया कि विदेशों में रहने वाले समर्थकों को निशाना बनाने के लिए संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल और फेक लिंक भेजे जा रहे हैं। जेएएसी ने सभी लोगों से किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी है।
