नेपाल-तिब्बत सीमा पर भूकंप के बाद आई भीषण फ्लैश फ्लड, 31 की मौत और 400 से ज्यादा लापता; कई गांव बहे
भोटे कोशी नदी में उफान से मची तबाही, 291 विदेशी पर्यटकों का नहीं मिल रहा सुराग; भारत के पीएम मोदी ने जताई संवेदना और मदद का दिया आश्वासन।
अंतरराष्ट्रीय: नेपाल और तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आई कुदरत की भीषण त्रासदी ने भारी तबाही मचाई है। भूकंप के बाद हुए हिमस्खलन और बर्फ पिघलने के कारण 'भोटे कोशी' (Bhote Koshi) नदी में आए अचानक उफान और भूस्खलन (Flash Flood and Mudslide) की चपेट में आने से कम से कम 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं।


भूकंप के बाद आया हिमस्खलन, ताश के पत्तों की तरह ढहे मकान
नेपाल के गृह मंत्रालय और सेना के अनुसार, रसुवा जिले के उत्तर में सुबह करीब 8:37 बजे आए भूकंप के कारण हिमस्खलन हुआ, जिससे भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया। बाढ़ का प्रकोप इतना भयानक था कि नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार के पास बहुमंजिला इमारतें और प्रमुख पुल ताश के पत्तों की तरह बह गए। कई गांव पूरी तरह से जलमग्न और मलबे में तब्दील हो गए हैं।

291 विदेशी पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग लापता
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि क्षेत्र में मौजूद 291 विदेशी पर्यटकों और 93 नेपाली गाइडों का संपर्क टूट चुका है। लापता पर्यटकों में ब्रिटेन (12 यात्री), अमेरिका, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और भारत के नागरिक शामिल हैं। वहीं सुरक्षाबलों के 26 पुलिसकर्मी, 9 सशस्त्र बल कर्मी और 44 सैन्य जवान भी लापता बताए जा रहे हैं।


राहत और बचाव कार्य जारी, सड़कें और बिजली ठप्प
-
बचाव अभियान: नेपाली सेना की टीमों ने अब तक 88 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है, जबकि मैलुंग, तिमुरे और स्याफ्रुबेसी जैसे क्षेत्रों से लोगों को एयरलिफ्ट करने और बचाने के प्रयास जारी हैं।
-
यातायात प्रभावित: काठमांडू को जोड़ने वाला मुख्य राजमार्ग बंद हो गया है। क्षेत्र में बिजली, संचार व्यवस्था और कई पनबिजली परियोजनाएं पूरी तरह ठप्प हो गई हैं।
भारत ने जताई संवेदना, पीएम मोदी ने दिया मदद का आश्वासन
इस दुखद घटना पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (Belendra Shah) से बात की और दुख जताया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि "संकट की इस घड़ी में भारत की जनता अपने नेपाली भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़ी है।"
नेपाल सरकार ने नदी तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। रेडक्रॉस, मेडिकल टीमों और सुरक्षा एजेंसियों की मदद से युद्धस्तर पर राहत अभियान चलाया जा रहा है।
