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डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका की हत्या की बड़ी साजिश नाकाम; ईरानी कनेक्शन और IRGC का खूंखार आतंकी बेनकाब

Ivanka Trump Assassination Plot: कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए आतंकी ने रची थी साजिश, इवांका के फ्लोरिडा वाले घर का नक्शा बरामद।

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वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप (Ivanka Trump) को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) द्वारा प्रशिक्षित एक बेहद खतरनाक आतंकवादी ने इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश रची थी, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया है।

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न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए इराकी मूल के आतंकी मोहम्मद बाकिर साद दाऊद अल-सादी के पास से इवांका ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित आलीशान घर का नक्शा मिला है। अल-सादी ने कसम खाई थी कि वह इवांका की हत्या करके रहेगा।

कासिम सुलेमानी की मौत का बदला था मकसद

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरी साजिश छह साल पहले बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरानी सैन्य प्रमुख कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए रची गई थी। आतंकी अल-सादी, सुलेमानी को अपने पिता समान मानता था।

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वाशिंगटन में इराकी दूतावास के पूर्व उप सैन्य अताशे इंतिफाद कनबर के मुताबिक, सुलेमानी की मौत के बाद अल-सादी अक्सर कहता था, "हमें इवांका को मारना होगा ताकि ट्रंप के घर को वैसे ही जलाया जा सके, जैसे उसने हमारे घर को जलाया था।"

सोशल मीडिया पर दी थी 'महल' उड़ाने की धमकी

खूंखार आतंकी होने के बावजूद अल-सादी सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय था। उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर फ्लोरिडा के उस पॉश इलाके का नक्शा भी पोस्ट किया था, जहां इवांका और उनके पति जैरेड कुशनर का 24 मिलियन डॉलर (करीब 200 करोड़ रुपये) का घर है।

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आतंकी ने अरबी में लिखा था: "अमेरिकियों इस तस्वीर को देखो और जान लो कि न तुम्हारे महल और न ही सीक्रेट सर्विस तुम्हें बचा पाएगी। हमारा बदला बस समय की बात है।"

तुर्की में गिरफ्तारी और वीआईपी पासपोर्ट का खेल

अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, अल-सादी को 15 मई 2026 को तुर्की में उस समय दबोचा गया जब वह रूस भागने की फिराक में था। गिरफ्तारी के बाद उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है।

जांच में खुलासा हुआ है कि अल-सादी के पास इराक का 'सर्विस पासपोर्ट' था। यह एक विशेष वीआईपी यात्रा दस्तावेज है जो केवल इराक के प्रधानमंत्री की सहमति से सरकारी कर्मचारियों को मिलता है। इसकी मदद से वह दुनिया के किसी भी एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच से बच जाता था और वीआईपी लाउंज का इस्तेमाल करता था। उसने एक ट्रैवल एजेंसी भी खोल रखी थी, जिसकी आड़ में वह वैश्विक आतंकी नेटवर्क चला रहा था।

दुनियाभर में आतंकी हमलों का खूनी ट्रैक रिकॉर्ड

अल-सादी कताइब हिजबुल्लाह और ईरान की IRGC दोनों का सक्रिय गुर्गा है। उस पर अकेले यूरोप और अमेरिका में 18 हमलों और कोशिशों के संगीन आरोप हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • मार्च 2026: एम्स्टर्डम में बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन पर बमबारी।

  • मार्च 2026: टोरंटो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर अंधाधुंध गोलीबारी।

  • अप्रैल 2026: लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से जानलेवा हमला।

  • अन्य वारदातें: बेल्जियम के लीज में एक यहूदी प्रार्थना स्थल (सिनेगॉग) पर बमबारी और रॉटरडैम में एक मंदिर में आगजनी।

एकांत कारावास में बंद है विलेन

विशेषज्ञों के अनुसार, इवांका ट्रंप इस साजिश के निशाने पर इसलिए भी थीं क्योंकि उन्होंने साल 2009 में जैरेड कुशनर से शादी करने से पहले रूढ़िवादी यहूदी धर्म अपना लिया था। फिलहाल, आरोपी अल-सादी ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC) की बेहद सुरक्षित 'एकांत कारावास' (Solitary Confinement) में बंद है। इसी जेल में वेनेजुएला के पूर्व तानाशाह निकोलस मादुरो जैसे हाई-प्रोफाइल कैदी भी बंद हैं। इस पूरे मामले पर फिलहाल व्हाइट हाउस ने आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया है।