Movie prime
Ad

आंखों पर काली पट्टी, हथकड़ी में मादुरो: ट्रंप के दावे में वेनेजुएला राष्ट्रपति की पहली तस्वीर आई सामने
 

अमेरिका के सैन्य अभियान का दावा, अमेरिकी वॉरशिप पर ले जाए जाने की तस्वीर जारी; वेनेजुएला सरकार ने बताया ‘साम्राज्यवादी हमला’
 

Ad

 
us news
WhatsApp Group Join Now

Ad

काराकास/वॉशिंगटन। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया हैंडल से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की एक कथित तस्वीर साझा की गई। तस्वीर में मादुरो की आंखों पर काली पट्टी बंधी हुई है, हाथों में हथकड़ी है और उन्हें अमेरिकी वॉरशिप पर ले जाया जा रहा बताया गया है। अमेरिकी दावे के अनुसार, यह मादुरो के पकड़े जाने के बाद की पहली तस्वीर है।

Ad
Ad
Ad

तस्वीर में मादुरो के हाथ में पानी की बोतल नजर आ रही है, जबकि कानों पर हेडफोन जैसे उपकरण लगे बताए गए हैं। ट्रंप समर्थक अकाउंट्स और अमेरिकी प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने इसे एक “सफल सैन्य अभियान” का परिणाम बताया है।

अमेरिकी न्याय विभाग का नया अभियोग

अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से दावा किया गया है कि निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के खिलाफ नया अभियोग दायर किया गया है। आरोप है कि मादुरो ने एक “भ्रष्ट और अवैध सरकार” का नेतृत्व किया, जिसने दशकों तक मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी शक्ति का दुरुपयोग किया।

Ad

अभियोग पत्र के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मादुरो ने दुनिया के कुख्यात ड्रग तस्करों और तथाकथित नार्को-आतंकवादियों के साथ मिलकर अमेरिका में कई टन कोकीन की तस्करी कराई। इन गतिविधियों से वेनेजुएला के राजनीतिक और सैन्य अभिजात वर्ग को लाभ पहुंचने का आरोप भी लगाया गया है।

Ad

बेडरूम से गिरफ्तारी का दावा

सीएनएन सहित कुछ अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि कथित सैन्य अभियान के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने राजधानी काराकास में राष्ट्रपति मादुरो के आवास पर तड़के रेड की। दावा किया गया कि उस समय मादुरो और उनकी पत्नी अपने बेडरूम में सो रहे थे और उन्हें वहां से हिरासत में लिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेज और एफबीआई एजेंटों की टीम शामिल थी। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि इस अभियान में किसी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा।

बड़े पैमाने पर हमले का दावा

अमेरिका की ओर से कहा गया कि रात के समय वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की गई। राजधानी काराकास में विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने और कम ऊंचाई पर सैन्य विमानों के उड़ान भरने की खबरें भी सामने आईं। ट्रंप ने इस कार्रवाई को “असाधारण रात्रिकालीन अभियान” बताया।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस कार्रवाई के लिए विधिक अनुमति क्या थी और क्या इससे पहले अमेरिकी कांग्रेस से परामर्श लिया गया था।

वेनेजुएला सरकार का पलटवार

वहीं, वेनेजुएला सरकार ने अमेरिका के सभी दावों को खारिज करते हुए इसे “साम्राज्यवादी हमला” करार दिया है। सरकार का कहना है कि अमेरिकी सेना ने नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज ने देश की जनता से सड़कों पर उतरने और सरकार का समर्थन करने की अपील की है।
वेनेजुएला के कानून के अनुसार, मौजूदा हालात में उपराष्ट्रपति को सत्ता संभालने का अधिकार है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता

इस कथित सैन्य कार्रवाई की तुलना 1990 में पनामा पर हुए अमेरिकी हमले से की जा रही है, जब वहां के नेता मैनुएल नोरिएगा को गिरफ्तार किया गया था। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हैं, क्योंकि अगर ये दावे सही साबित होते हैं तो यह किसी मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष के खिलाफ अभूतपूर्व सैन्य कदम माना जाएगा।
 

Ad