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लेबनान के गांव पर ‘मांस गला देने वाले’ व्हाइट फॉस्फोरस का इस्तेमाल, Israel पर गंभीर आरोप
 

दक्षिणी लेबनान के योहमोर गांव में रिहायशी इलाके पर फॉस्फोरस आर्टिलरी दागने का दावा; अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन की आशंका, नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे की चेतावनी

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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Human Rights Watch ने Israel पर दक्षिणी Lebanon के एक गांव में खतरनाक रासायनिक हथियार व्हाइट फॉस्फोरस के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि यह पदार्थ इंसानी शरीर को गहरी जलन पहुंचा सकता है और हड्डियों तक को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है।

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दक्षिणी लेबनान के गांव पर हमले का दावा

मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, उसने सात तस्वीरों को जियोलोकेट और सत्यापित किया है। इन तस्वीरों के आधार पर दावा किया गया है कि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के योहमोर गांव के रिहायशी इलाके में तोपखाने से व्हाइट फॉस्फोरस वाले गोले दागे।

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रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला उस समय हुआ जब इजरायली सेना ने कुछ घंटे पहले ही गांव के निवासियों और दक्षिणी लेबनान के कई अन्य गांवों को क्षेत्र खाली करने की चेतावनी दी थी। हालांकि संगठन यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाया है कि उस समय गांव में कितने नागरिक मौजूद थे या इस हमले में किसी को नुकसान पहुंचा।

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अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन की चेतावनी

Human Rights Watch ने चेतावनी दी है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में व्हाइट फॉस्फोरस का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन माना जाता है।

यह पदार्थ अत्यधिक तापमान पर जलता है और इससे:

  • इमारतों में तेजी से आग लग सकती है
  • त्वचा और मांस में गहरी जलन हो सकती है
  • गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है
  • फेफड़ों और अन्य अंगों के फेल होने का खतरा रहता है

मानवाधिकार संगठन के लेबनान शोधकर्ता रामजी काइस ने कहा कि रिहायशी इलाकों में इस तरह के हथियारों का इस्तेमाल बेहद चिंताजनक है और इससे नागरिकों के जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है।


इजरायल की प्रतिक्रिया नहीं

इस मामले में अभी तक Israel की सेना की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि पहले इजरायली सेना यह कह चुकी है कि व्हाइट फॉस्फोरस का इस्तेमाल स्मोक स्क्रीन बनाने के लिए किया जाता है, न कि नागरिकों को निशाना बनाने के लिए।


पहले भी लग चुके हैं आरोप

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इससे पहले भी Amnesty International और Human Rights Watch ने इजरायल और हिजबुल्ला के बीच पिछले संघर्ष के दौरान दक्षिणी लेबनान में कई बार व्हाइट फॉस्फोरस के इस्तेमाल का आरोप लगाया था।


पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव

इधर क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच Iran की राजधानी तेहरान में ईंधन भंडारण केंद्रों पर हमले की खबरें भी सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इन हमलों के बाद तेल भंडारण स्थलों पर आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं।
Benjamin Netanyahu ने भी हाल ही में संकेत दिया है कि जारी संघर्ष के अगले चरण में कई “आश्चर्यजनक कदम” उठाए जा सकते हैं।

पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ती जा रही है।

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