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Iran Internet News: तेहरान का नया फरमान; इंटरनेट खुला लेकिन डिजिटल आजादी पर ताला, युद्ध के बीच मीडिया पर कसा शिकंजा

विदेशी फारसी चैनलों और इजराइली मीडिया को डेटा देने पर रोक, महीनों बाद खुले इंटरनेट की स्पीड भी बेहद सुस्त

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तेहरान: अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच, ईरान सरकार ने अब सूचना और डिजिटल दुनिया पर अपना शिकंजा और मजबूत कर लिया है। तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों के लिए कड़े और नए नियम जारी किए हैं। इसके तहत साफ कर दिया गया है कि ईरान से भेजी जाने वाली किसी भी फोटो, वीडियो या रिपोर्ट का इस्तेमाल इजराइली मीडिया या विदेशों से संचालित होने वाले फारसी चैनल नहीं कर सकेंगे।

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दूसरी ओर, देश में महीनों से जारी दुनिया के सबसे लंबे इंटरनेट शटडाउन को आंशिक रूप से खत्म तो किया गया है, लेकिन आम जनता को अब भी भारी सेंसरशिप, प्रतिबंधित सोशल मीडिया और रेंगती हुई इंटरनेट स्पीड का सामना करना पड़ रहा है।

क्या हैं ईरान के नए मीडिया प्रतिबंध?

ईरान के संस्कृति और इस्लामिक मार्गदर्शन मंत्रालय ने तेहरान में मौजूद अंतरराष्ट्रीय मीडिया घरानों को सख्त गाइडलाइन जारी की है।

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  • अब ईरान से बाहर भेजी जाने वाली हर मीडिया सामग्री के साथ यह वैधानिक चेतावनी (Warning) लिखना अनिवार्य होगा कि इसका उपयोग इजराइली मीडिया या ईरान के बाहर सक्रिय फारसी टीवी चैनल नहीं कर सकते।

  • ईरान सरकार ने पहले से ही बीबीसी फारसी, वीओए फारसी, मनोटो टीवी और ईरान इंटरनेशनल जैसे बड़े विदेशी चैनलों पर प्रतिबंध लगा रखा है। सरकार का तर्क है कि 'राष्ट्रीय सुरक्षा' और 'युद्ध जैसी स्थितियों' को देखते हुए यह कदम बेहद जरूरी है।

इंटरनेट तो बहाल हुआ, लेकिन पाबंदियां बरकरार

ईरान में जनवरी से लागू इंटरनेट प्रतिबंध को वैश्विक स्तर पर अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रीय इंटरनेट शटडाउन माना जा रहा है। हालांकि, सरकार ने अब कुछ हिस्सों में राहत दी है, लेकिन जमीन पर हालात सामान्य नहीं हैं:

  • यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अब भी कड़ा प्रतिबंध लागू है।

  • इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्थाओं के मुताबिक, ईरान का डेटा ट्रैफिक अभी भी सामान्य स्तर से काफी नीचे है।

  • नेविगेशन और डिजिटल कामकाज के लिए जरूरी वीपीएन (VPN) की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे आम नागरिक वैश्विक इंटरनेट से पूरी तरह कटे हुए हैं।

अर्थव्यवस्था और आम जनता पर दोहरी मार; लाखों कारोबार ठप

इस डिजिटल तालेबंदी ने ईरान के घरेलू व्यापार और आम लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है।

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ऑनलाइन बिजनेस करने वाले छोटे कारोबारी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, गेमर्स और डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर्स के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कई लोगों को गुजारे के लिए अपनी संपत्ति तक बेचनी पड़ी है। इसके अलावा, विदेशों में रह रहे रिश्तेदारों से महीनों तक संपर्क टूटने के कारण लोग मानसिक तनाव का सामना भी कर रहे हैं।

डिजिटल तानाशाही: वीआईपी को खुली छूट, आम जनता पर पहरा

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान आने वाले दिनों में अपनी डिजिटल नीति को और अधिक क्रूर बना सकता है। सरकार अब पूरी तरह से 'राष्ट्रीय इंटरनेट नेटवर्क' (National Internet Network) को बढ़ावा दे रही है, जिसमें नागरिकों को केवल सरकार द्वारा स्वीकृत सीमित वेबसाइटों तक ही पहुंच मिलेगी।

हैरानी की बात यह है कि जहां एक तरफ आम जनता सेंसरशिप और निगरानी के साए में जीने को मजबूर है, वहीं देश के वरिष्ठ अधिकारियों, सैन्य जनरलों और खास वर्गों को विशेष सिम कार्ड दिए गए हैं, जिससे वे वैश्विक इंटरनेट का बेधड़क इस्तेमाल कर पा रहे हैं। पश्चिम एशिया और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के बीच ईरान की यह डिजिटल घेराबंदी आने वाले दिनों में और सख्त हो सकती है।