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Flydubai Flight Attack: क्या कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हुआ था भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला?

दुबई-तेल अवीव उड़ान में को-पायलट की सिरफिरी करतूत: विमान क्रैश कराने की साजिश नाकाम; खून से लथपथ होने के बाद भी भारतीय पायलट ने बचाई 180 यात्रियों की जान

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अंतरराष्ट्रीय डेस्क / भदैनी मिरर: दुबई से इजरायल की राजधानी तेल अवीव जा रही 'फ्लाइदुबाई' (Flydubai) की फ्लाइट में आसमान के बीचों-बीच हुई एक रोंगटे खड़े कर देने वाली हिंसक घटना ने दुनिया भर के एविएशन सेक्टर को सन्न कर दिया है। विमान को क्रैश कराने की नीयत से को-पायलट ने मुख्य पायलट—भारत (गुजरात) के निवासी कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला कर दिया।

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कॉकपिट में खून से लथपथ और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए 180 यात्रियों से भरे विमान को सुरक्षित सऊदी अरब के तबुक (Tabuk) हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंड कराया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें 'असली हीरो' करार दिया है।

विमान में कैसे पहुंची कुल्हाड़ी? समझिए नियम

शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि हमलावर को-पायलट ने चाकू से हमला किया था, लेकिन वैश्विक मीडिया रिपोर्ट्स और जांच अधिकारियों के अनुसार हमले में 'क्रैश एक्स' या 'फायर एक्स' (आपातकालीन कुल्हाड़ी) का इस्तेमाल किया गया।

इस खुलासे के बाद सवाल उठने लगे कि अति-सुरक्षित माने जाने वाले कॉकपिट में यह घातक हथियार कैसे पहुंचा:

  • इमरजेंसी सिक्योरिटी टूल: अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नियमों के तहत वाणिज्यिक उड़ानों (Commercial Flights) के कॉकपिट में इमरजेंसी के लिए 'क्रैश एक्स' रखना अनिवार्य होता है।

  • उद्देश्य: किसी आपात स्थिति या दुर्घटना के दौरान यदि कॉकपिट या केबिन के दरवाजे जाम हो जाएं, तो इसे तोड़कर रास्ता बनाने या आग बुझाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।

  • विशेष बनावट: यह सामान्य घरेलू कुल्हाड़ी से अलग, खास मेटल और शॉक-प्रूफ ग्रिप के साथ एयरक्राफ्ट सेफ्टी के हिसाब से डिजाइन की जाती है।

34 सेकंड में 16,000 फीट नीचे गिरा विमान

दुबई से उड़ान भरने के करीब ढाई घंटे बाद जब विमान 33,000 फीट की ऊंचाई पर था, तब कॉकपिट के भीतर हाथापाई शुरू हुई। इस भयानक झड़प के दौरान विमान महज 34 सेकंड के भीतर 33,000 फीट से गिरकर 17,000 फीट पर आ गया।

विमान में चीख-पुकार मच गई, लेकिन कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मदद से हमलावर सह-पायलट को काबू किया गया। गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित ने खुद को संभाला और विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर आपातकालीन लैंडिंग कराई।

हमलावर सह-पायलट गिरफ्तार, जांच जारी

इमरजेंसी लैंडिंग के तुरंत बाद दोनों पायलटों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से आरोपी को-पायलट को सुरक्षा बलों ने हिरासत में ले लिया है। प्राथमिक जांच के अनुसार हमलावर बाहरी हथियार लेकर कॉकपिट में नहीं घुसा था, बल्कि उसने कॉकपिट में पहले से मौजूद क्रैश एक्स का ही इस्तेमाल कर विमान को ध्वस्त करने की साजिश रची थी।

गुजरात से कैप्टन स्मित मच्छार के माता-पिता सऊदी अरब के लिए रवाना हो गए हैं। पूरे देश को भारतीय कैप्टन की इस अप्रतिम वीरता पर गर्व महसूस हो रहा है।