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नेपाल-तिब्बत सीमा पर प्राकृतिक तबाही: भोटे कोशी और त्रिशूली में भीषण बाढ़, 165 की मौत, सैकड़ों लापता; भारत के कई राज्यों में अलर्ट जारी

लहेंदे नदी का तट टूटने से मलबे का तूफान आया। कई गांव और पावर प्लांट बहे, नेपाल और तिब्बत में बचाव कार्य जारी; यूपी-बिहार के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट।

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काठमांडू / भदैनी मिरर: हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्र नेपाल और तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। चीन और नेपाल के बीच बहने वाली लहेंदे (Lhende) नदी के किनारे मिट्टी और मलबे की विशाल चट्टान खिसकने से पानी का रौद्र रूप देखने को मिला। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 165 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों विदेशी पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। बाढ़ का खतरा अब भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार के निचले इलाकों तक मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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ताश के पत्तों की तरह बहे मकान, पुल और पावर प्लांट

बाढ़ का सबसे ज्यादा कहर नेपाल की दो प्रमुख नदियों—भोटे कोशी और त्रिशूली—के तटीय इलाकों में देखने को मिला। सैलाब अपने साथ रिहायशी मकानों, पक्की सड़कों, पुलों और यहां तक कि हाइड्रो पावर प्लांट को भी बहा ले गया। नेपाल सेना की ओर से जारी हवाई फुटेज में प्रभावित इलाके मलबे के ढेर और कीचड़ के कंकाल जैसे दिखाई दे रहे हैं।

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अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और रेड क्रेसेंट सोसाइटीज (IFRC) के नेपाल प्रमुख डेविड फिशर के अनुसार, "कई पूरे गांव और स्थानीय बाजार पूरी तरह से नक्शे से मिट चुके हैं।"

विदेशी पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग लापता

  • नेपाल का आंकड़ा: नेपाल अधिकारियों के अनुसार, देश में 162 लोगों की मौत दर्ज की गई है। लगभग 403 लोग लापता हैं, जिनमें 142 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड जैसे देशों के पर्यटक भी लापता बताए जा रहे हैं।

  • तिब्बत में तबाही: चीनी सीमावर्ती कस्बे गिरोंग (Gyirong) में भी मलबे का विशाल तूफान इमारतों पर टूट पड़ा। यहां 3 लोगों की मौत और 265 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है।

द्वितीयक बाढ़ (Second Flood) का मंडराता खतरा

अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वत विकास केंद्र (ICIMOD) के जलवायु विशेषज्ञ च्यांगगोंग झांग ने चेतावनी दी है कि नेपाल-चीन सीमा पर नदी के ऊपरी हिस्से में अभी भी मलबा अटका हुआ है। अगर यह रुकावट अचानक टूटती है, तो दोबारा भीषण बाढ़ आने का बड़ा जोखिम बना हुआ है।

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भारत में सतर्कता: यूपी और बिहार के जिलों में अलर्ट

नेपाल से सटने वाले भारतीय क्षेत्रों, मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार के नदी तटीय जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नदियों के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दक्षिण एशिया में मानसून के दौरान ऐसी चरम मौसमी घटनाओं और अचानक बाढ़ (Flash Floods) की आवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। फिलहाल राहत और बचाव दल मलबे में दबे जीवित लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।