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मशहूर ब्रिटिश लेखक और पूर्व नेता जेफरी आर्चर का 86 वर्ष की आयु में निधन, 'केन एंड एबल' से मिली थी वैश्विक पहचान

30 करोड़ से अधिक किताबें बेचने वाले प्रसिद्ध उपन्यासकार जेफरी आर्चर का लेखन सत्र के दौरान अचानक निधन; विवादों और सफलताओं से भरा रहा जीवन

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जेफरी
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अंतर्राष्ट्रीय डेस्क (भदैनी मिरर)। दुनिया भर में अपने मशहूर और रोमांचक उपन्यासों से करोड़ों पाठकों के दिलों पर राज करने वाले प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक और पूर्व राजनेता जेफरी आर्चर (Jeffrey Archer) का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके प्रकाशक 'हार्परकॉलिन्स' (HarperCollins) ने सोमवार को उनके निधन की पुष्टि की। प्रकाशक के अनुसार, जेफरी आर्चर ने अपने लेखन सत्र (Writing Session) के दौरान शांतिपूर्वक और अचानक अंतिम सांस ली।

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30 करोड़ से अधिक किताबों की बिक्री

जेफरी आर्चर दुनिया के सबसे सफल और लोकप्रिय कहानीकारों में से एक थे। उन्होंने दुनिया भर में 30 करोड़ से अधिक किताबों की प्रतियां बेचीं। 1976 में आए उनके पहले ही उपन्यास 'नॉट अ पेनी मोर, नॉट अ पेनी लेस' (Not a Penny More, Not a Penny Less) और 1979 के मास्टरपीस 'केन एंड एबल' (Kane & Abel) ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रातों-रात पहचान दिलाई। उनकी किताबें 119 देशों में बेची गईं और वे कुल मिलाकर साढ़े पांच साल से अधिक समय तक 'न्यू यॉर्क टाइम्स' की बेस्टसेलर सूची में रहे। उनकी अंतिम किताब 'एडम एंड ईव' (Adam and Eve) का प्रकाशन हाल ही में निर्धारित था, और वे इसके प्रमोशन के लिए चेल्टनहैम लिटरेचर फेस्टिवल (Cheltenham Literature Festival) सहित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले थे।

राजनीतिक करियर और विवाद

लेखन के अलावा जेफरी आर्चर ब्रिटेन की कंज़र्वेटिव पार्टी के एक प्रमुख और प्रभावशाली राजनेता भी रहे। 1980 के दशक के मध्य में तत्कालीन प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर के कार्यकाल के दौरान वे पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी रहे। हालांकि, उनका राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन जितने ऊंचे मुकाम पर पहुंचा, उतना ही विवादों से भी घिरा रहा।

1987 में उन्होंने एक अखबार 'डेली स्टार' के खिलाफ मानहानि का मुकदमा जीता था, जिसमें उन पर गलत आरोप लगाने के एवज में रिकॉर्ड 5 लाख पाउंड का जुर्माना लगाया गया था। लेकिन वर्ष 1999 में जब वे लंदन के मेयर पद के उम्मीदवार बने, तो उन पर मानहानि केस में झूठी गवाही (Perjury) देने का आरोप लगा। अदालत में आरोप साबित होने के बाद उन्हें 4 साल जेल की सजा सुनाई गई, जिसमें से उन्होंने 2 साल जेल में बिताए। जेल के अपने अनुभवों पर उन्होंने 'ए प्रिजन डायरी' (A Prison Diary) नाम की बेहद चर्चित किताब भी लिखी।

अदालत का वह ऐतिहासिक फैसला

उनके 1987 के मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान जज बर्नार्ड कॉलीफिल्ड द्वारा उनकी पत्नी मैरी आर्चर पर दी गई टिप्पणी बेहद मशहूर हुई थी। जज ने जूरी से कहा था, "जरा मैरी आर्चर को कटघरे में याद कीजिए... क्या उनमें लालित्य (Elegance) नहीं है? क्या उनमें सुगंध और चमक नहीं है?"

हार्परकॉलिन्स यूके की सीईओ केट एल्टन ने जेफरी आर्चर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, "हम एक ऐसे महान लेखक को खोकर बेहद दुखी हैं, जिसने पीढ़ियों को पढ़ने की खुशी दी। वे हमारे एक सच्चे मित्र थे।" विवादों के बावजूद जेफरी आर्चर का साहित्यिक करियर हमेशा ऊंचाइयों पर रहा और उनका जाना वैश्विक साहित्य जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।