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Explainer: कतर, कुवैत और यूएई में भी खुली जगहों पर नमाज पर रोक; युद्ध और हमलों के साये में फीकी पड़ी ईद

मध्य-पूर्व में युद्ध, मिसाइल हमलों और सुरक्षा अलर्ट के कारण ईद-उल-फितर 2026 सादगी और भय के माहौल में मनाई गई। कई देशों में खुले में नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि अल-अक्सा मस्जिद पूर्ण रूप से बंद रही।

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21 फरवरी को पूरी दुनिया में ईद-उल-फितर मनाई गई, लेकिन इस बार त्योहार पर युद्ध और तनाव के बादल पूरी तरह हावी रहे। जिन खाड़ी देशों में ईद की रौनक और खुले मैदानों में नमाज की परंपरा रहती है, वहां भी भय का माहौल देखने को मिला। कतर, कुवैत, यूएई, सऊदी अरब और ईरान में प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से लोगों को खुले स्थानों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी।

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सबसे पवित्र स्थलों में गिनी जाने वाली यरुशलम की अल-अक्सा मस्जिद पूरी तरह बंद रही, जहां इजरायल ने किसी भी तरह की भीड़ जुटने पर रोक लगा दी थी। इजरायल-ईरान युद्ध और लगातार मिसाइल हमलों के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।

ईरान: वीरान बाजार और घरों में नमाज

इजरायल और अमेरिकी हमलों के बाद ईरान में भारी तनाव बना हुआ है। इस वजह से ईद के पहले ही बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। सरकार ने साफ आदेश दिए कि लोग घर या मस्जिद के अंदर ही नमाज अदा करें—खुले क्षेत्रों में जमावड़े की अनुमति नहीं थी। ईद पर जंग में मारे गए नागरिकों को श्रद्धांजलि दी गई और कई शहरों में दुकानें बंद रहीं।

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यूएई: रौनक पर सुरक्षा का साया

दुबई जैसे शहर, जहां ईद के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक जुटते हैं, इस बार पूरी तरह शांत नजर आए। चार दिन की छुट्टी तो घोषित हुई, लेकिन बड़े आयोजनों, भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रमों और आतिशबाजी को पूरी तरह रद्द कर दिया गया। मस्जिदों में कड़ी सुरक्षा के बीच सीमित संख्या में ही लोग नमाज के लिए पहुंचे।

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इराक: खामेनेई को श्रद्धांजलि, भीड़ पर पाबंदी

इराक में शिया समुदाय ने ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। भीड़ न जुटने की सरकारी अपील के कारण ईद की परंपरागत चहल-पहल लगभग नदारद रही। लोग अपने बच्चों को बाहर भेजने से भी डरते नजर आए।

गाजा और लेबनान: घरों से दूर, शेल्टर में ईद

गाजा और लेबनान में हजारों लोग अपने घर खो चुके हैं और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। इजरायल द्वारा लेबनान के दक्षिणी क्षेत्रों में लगातार हमलों में 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में ईद की खुशियां सीमित संसाधनों में, भय के साये में मनाई गईं।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान: युद्धविराम के बीच ईद

रमजान के दौरान ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हिंसा बढ़ गई थी। हालांकि ईद को देखते हुए मध्यस्थ देशों—सऊदी, कतर और तुर्किए—की कोशिशों के बाद दोनों देशों ने पांच दिन का युद्धविराम घोषित किया। इसके बावजूद दोनों देशों में तनाव चरम पर है और लोगों ने सादगी से त्योहार मनाया।

अल-अक्सा मस्जिद 50 साल बाद ईद पर बंद

दुनिया भर के मुस्लिमों के लिए यह सबसे बड़ी पीड़ा रही कि पांच दशकों में पहली बार अल-अक्सा मस्जिद ईद के मौके पर भी बंद रही। इजरायली प्रशासन ने कहा कि यह सुरक्षा के लिहाज से अनिवार्य कदम है।

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