चीन में कुदरत का कहर: भीषण भूकंप से ढहीं 13 बड़ी इमारतें, 2 की मौत, 7 हजार से ज्यादा लोग शहर छोड़ने पर मजबूर
गुआंग्शी प्रांत के लिउझोउ में आधी रात को डोली धरती; मलबे में जिंदगी की तलाश, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
बीजिंग: चीन से एक बड़ी और दर्दनाक खबर सामने आ रही है, जहाँ सोमवार को आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि 13 बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित इलाकों से लगभग 7,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। फिलहाल मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) चलाया जा रहा है।


आधी रात को आया 5.2 तीव्रता का भूकंप
चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी 'शिंहुआ' के मुताबिक, यह जोरदार भूकंप चीन के गुआंग्शी प्रांत के लिउझोउ (Liuzhou) शहर में रात के ठीक 12:21 बजे आया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.2 मापी गई है। आधी रात को जब लोग सो रहे थे, तभी अचानक धरती कांपने लगी और चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में जान गंवाने वालों में एक 63 वर्षीय बुजुर्ग पुरुष और 53 वर्षीय महिला शामिल हैं।

भूकंप से भारी नुकसान, रेल और सड़क यातायात प्रभावित
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भूकंप के तेज झटकों की वजह से तड़के सुबह तक 13 इमारतें पूरी तरह जमींदोज हो गईं।
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हताहतों का आंकड़ा: हादसे में 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4 गंभीर रूप से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है (चिकित्सकों के अनुसार घायल खतरे से बाहर हैं)। वहीं, 1 व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है।
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यातायात पर असर: भूकंप के कारण रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते अधिकारी पटरियों की बारीकी से जांच कर रहे हैं, जिससे कई ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि प्रभावित इलाके में बिजली, पानी, फोन लाइन और गैस सप्लाई को सुचारू बनाए रखा गया है।
युद्धस्तर पर जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
सोशल मीडिया और चीनी मीडिया पर सामने आए वीडियो बेहद डरावने हैं, जिसमें लोग जान बचाने के लिए ऊंची-ऊंची इमारतों से नीचे भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। ढही हुई इमारतों के मलबे का विशाल ढेर लग चुका है।

खोजी कुत्तों की ली जा रही मदद: हेलमेट पहने इमरजेंसी कर्मचारी और बचाव दल आधुनिक खुदाई मशीनों (Excavators) के जरिए मलबा हटाने में जुटे हैं। मलबे के नीचे दबी जिंदगी का पता लगाने के लिए स्निफर डॉग्स (खोजी कुत्तों) की भी मदद ली जा रही है। प्रशासन का पूरा जोर लापता व्यक्ति को जल्द से जल्द ढूंढने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय देने पर है।
