Movie prime
PMC_Hospital

नेपाल में फिर महाआपदा का अलर्ट: तिब्बत में बांध टूटने की सूचना, रसुवा में अब तक 469 की मौत, 1400 से अधिक लापता

नेपाल पुलिस ने जारी की चेतावनी: सुरक्षा बलों और आम नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील; 500 से अधिक विदेशी नागरिक भी लापता

Ad

 
Nepal
WhatsApp Group Join Now

Ad

Ad

भदैनी मिरर (अंतर्राष्ट्रीय डेस्क): नेपाल में हालिया प्राकृतिक आपदा के बीच एक बार फिर स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। शुक्रवार को नेपाल पुलिस ने तिब्बती क्षेत्र में पानी का बांध फिर से टूटने की सूचना के बाद देश भर में नया इमरजेंसी अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने राहत-बचाव कार्य में जुटी टीमों, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।

Ad
Ad


 

नेपाल पुलिस ने जारी की सख्त चेतावनी

नेपाल पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सीमा पार तिब्बती इलाके में बांध क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है, जिससे नदियों के जलस्तर में भयानक उछाल आ सकता है।

पुलिस ने सभी नागरिकों और आपदा प्रबंधन में लगी टीमों से कहा कि वे बिना समय गंवाए ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं तथा आसपास के लोगों को भी इस संभावित खतरे की जानकारी देकर सतर्क करें।

Ad

नेपाल बाढ़ त्रासदी: आंकड़ों में तबाही की तस्वीर

  • रसुवा में मौत का आंकड़ा: रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 469 हो गई है।

  • लापता लोगों की संख्या: 1400 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।

  • आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट: सरकारी आंकड़ों के अनुसार 910 से अधिक लोगों के सीधे लापता होने की पुष्टि हुई है, जिनमें 517 विदेशी नागरिक (पर्यटक व ट्रैकर) शामिल हैं।

  • सुरक्षाबल और स्थानीय प्रभावित: लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, 85 सुरक्षाकर्मी (सेना व पुलिस) और रसुवा के 161 स्थानीय नागरिक शामिल हैं।

  • रेस्क्यू ऑपरेशन: अब तक 50 विदेशी पर्यटकों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

क्यों बेहद संवेदनशील है यह हिमालयी क्षेत्र?

नेपाल और तिब्बत से लगा यह पूरा हिमालयी क्षेत्र दुनिया के सबसे संवेदनशील आपदा-संभावित इलाकों में गिना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यहाँ की अनोखी और कमजोर भौगोलिक बनावट, टेक्टोनिक प्लेटों की आंतरिक हलचल (भूकंपीय संवेदनशीलता) और जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर पिघलने व बांध टूटने (GLOF) जैसी घटनाएं बार-बार तबाही मचाती हैं।

Ad

Ad

प्रशासन और आपदा राहत बल फिलहाल स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है।