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सोशल मीडिया से बैन हटने के भी कर्फ्यू, नेपाल में विरोध जारी, भारतीयों के लिए एडवाइजरी 

नेपाल में सोमवार को कथित भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन होने के बाद हिंसक झड़प में 20 लोगों ने अपनी जान गंवाई, विदेश मंत्रालय ने भारतीयों के लिए जारी की एडवाइजरी

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Nepal protest
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दिल्ली। नेपाल में कथित भ्रष्टाचार (Nepal corruption protest) और सोशल मीडिया पर बैन (Nepal social media ban protest) लगने के खिलाफ उपजा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को हुए उग्र प्रदर्शन (Nepal protest 2025) में पुलिसकर्मियों से झड़प हुई। मंगलवार सुबह एक बार फिर काठमांडू और अन्य जिलों में छात्र और युवाओं के नेतृत्व में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने राजधानी काठमांडू सहित कई जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू (Kathmandu curfew news) लागू कर दिया है।
कर्फ्यू के आदेश
काठमांडू जिला प्रशासन ने सुबह 8:30 बजे से कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी किया है। कर्फ्यू के दौरान लोगों की आवाजाही, सभाएं, धरना और प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। हालांकि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, दमकल, स्वास्थ्यकर्मी, पर्यटक, मीडिया और हवाई यात्री वाहनों को सुरक्षा कर्मियों के समन्वय में अनुमति दी जाएगी। इसी तरह, भक्तपुर जिले में पेप्सीकोला, राधेराधे चौक, सल्लाघारी, दुवाकोट और चांगु नारायण मंदिर क्षेत्र में कर्फ्यू लागू किया गया है। ललितपुर महानगर के कुछ हिस्सों में भी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।
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छात्रों का विरोध और सड़क पर तनाव
कर्फ्यू लागू होने के बावजूद मंगलवार सुबह काठमांडू के कलंकी और बानेश्वर इलाके में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ललितपुर के चापागांव-थेचो इलाके से भी उग्र प्रदर्शन की खबर आई है। प्रदर्शनकारियों ने 'छात्रों की हत्या मत करो' जैसे नारे लगाए और कई स्थानों पर टायर जलाकर सड़कें जाम कर दीं।
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लोगों में भय और दहशत
कर्फ्यू की घोषणा होते ही लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए दुकानों पर उमड़ पड़े। सार्वजनिक परिवहन ठप हो गया और शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। इससे लोगों में भय और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
हिंसक प्रदर्शन में 20 की मौत
सोमवार को हुए बड़े विरोध प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान संसद भवन के गेट पर तोड़फोड़ की गई। झड़पों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और 340 से ज्यादा लोग घायल हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है और फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए बैन से उनकी आज़ादी छिनी गई है।
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भारतीयों के लिए एडवाइजरी
नेपाल में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने वहां रह रहे भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय अनावश्यक रूप से प्रदर्शन प्रभावित इलाकों में न जाएं और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।