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दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड मिलने पर चीन बौखलाया, कहा- ‘धार्मिक नहीं, राजनीतिक व्यक्ति हैं’


ग्रैमी अवॉर्ड से सम्मानित ‘Meditations’ एल्बम में उस्ताद अमजद अली खान और उनके बेटों की भी अहम भूमिका, चीन ने जताया कड़ा विरोध

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नई दिल्ली | तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को ग्रैमी अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान का विरोध करता है और आरोप लगाया कि दलाई लामा इस मंच का इस्तेमाल “चीन विरोधी गतिविधियों” के लिए कर सकते हैं।

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दरअसल, 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में दलाई लामा को उनके स्पोकन-वर्ड एल्बम Meditations: The Reflections of His Holiness the Dalai Lama के लिए Best Audio Book, Narration and Storytelling Recording श्रेणी में पहला ग्रैमी अवॉर्ड मिला है। यह समारोह अमेरिका के लॉस एंजेलिस में आयोजित हुआ।

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चीन का तीखा बयान

इस अवॉर्ड पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, “दलाई लामा कोई सिर्फ धार्मिक व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे एक राजनीतिक निर्वासित हैं, जो धर्म की आड़ में चीन विरोधी अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि चीन “किसी भी पक्ष द्वारा इस तरह के पुरस्कारों का इस्तेमाल चीन विरोधी एजेंडे के लिए किए जाने का कड़ा विरोध करता है।”

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चीन लंबे समय से दलाई लामा को अलगाववादी मानता रहा है। दलाई लामा 1959 में तिब्बत में असफल विद्रोह के बाद भारत आ गए थे और तब से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासित जीवन जी रहे हैं।

दलाई लामा की प्रतिक्रिया

90 वर्षीय दलाई लामा ने ग्रैमी सम्मान को व्यक्तिगत उपलब्धि मानने से इनकार करते हुए कहा, “मैं इसे निजी सम्मान नहीं मानता। यह शांति, करुणा, पर्यावरण की रक्षा और मानवता की एकता जैसे सार्वभौमिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम है। यदि यह अवॉर्ड इन संदेशों को दुनिया तक पहुंचाने में मदद करता है, तो मैं आभारी हूं।”

उल्लेखनीय है कि दलाई लामा को इससे पहले 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार भी मिल चुका है।

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भारत के लिए भी गर्व का क्षण

इस ग्रैमी विजेता एल्बम में भारत के दिग्गज सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान और उनके पुत्र अमान अली बांगश व अयान अली बांगश ने बतौर संगीतकार योगदान दिया है। इसके साथ ही वे इस साल ग्रैमी अवॉर्ड पाने वाले चुनिंदा भारतीय कलाकारों में शामिल हो गए हैं।
उस्ताद अमजद अली खान ने कहा, “हमारे लिए यह गर्व और विनम्रता का क्षण है कि हमें दलाई लामा जैसे महान व्यक्तित्व के साथ इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने का अवसर मिला।”

अमान अली बांगश ने इसे “मानव आत्मा को ऊंचा उठाने वाली कला की शक्ति” बताया।

एल्बम की खासियत

इस एल्बम का निर्माण मल्टी-ग्रैमी और एमी अवॉर्ड विजेता निर्माता कबीर सहगल ने किया है। एल्बम में करुणा, आंतरिक शांति, मानव एकता और वैश्विक जिम्मेदारी जैसे विषयों को संगीत और आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

इस एल्बम में कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने भी योगदान दिया है, जिनमें ग्रैमी विजेता अमेरिकी गायिका एंड्रा डे, जैज़ सैक्सोफोनिस्ट टेड नैश और कोस्टा रिका की गायिका डेबी नोवा शामिल हैं। समारोह में दलाई लामा की ओर से यह अवॉर्ड संगीतकार रुफस वेनराइट ने स्वीकार किया।

 
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