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खगोलीय घटना: 29 जून को आसमान में दिखेगा अद्भुत 'स्ट्रॉबेरी मून'

उत्तरी गोलार्ध में गर्मियों का पहला 'माइक्रोमून'; अपोजी स्थिति के कारण 12 से 14% छोटा और धीमा दिखेगा चांद, जानिए इसे देखने का सबसे सही समय

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भदैनी मिरर विज्ञान डेस्क: दुनिया भर के खगोल प्रेमियों और आसमान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए जून का महीना एक शानदार तोहफा लेकर आ रहा है। आगामी सोमवार, 29 जून 2026 को आसमान में इस साल का पहला 'स्ट्रॉबेरी मून' (Strawberry Moon) दिखाई देगा। उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में इस साल की गर्मियों का यह पहला पूर्णिमा का चांद होगा। यह पूर्ण चंद्र कई मायनों में बेहद खास है, क्योंकि यह साल 2026 में आकाश में सबसे नीचे रहने वाला और साल का दूसरा सबसे छोटा चांद होगा।

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क्यों कहा जाता है इसे 'स्ट्रॉबेरी मून'?

इस चांद का नाम इसके रंग के कारण नहीं, बल्कि पारंपरिक अमेरिकी इतिहास से जुड़ा है। टाइमएंडडेट डॉट कॉम के अनुसार, उत्तरी अमेरिका में जून के महीने में पारंपरिक रूप से स्ट्रॉबेरी की फसल काटी जाती है, इसी आधार पर इसे 'स्ट्रॉबेरी मून' नाम दिया गया। इसे 'बेरीज राइपेन मून' (बेर पकने का चांद), 'ग्रीन कॉर्न मून' और 'हॉट मून' (गर्म चांद) के नाम से भी जाना जाता है।

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सुपरमून का उल्टा: इस बार दिखेगा 'माइक्रोमून'

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से 29 जून को दिखने वाला चांद अपने 'अपोजी' (Apogee) बिंदु के ठीक एक दिन बाद पूर्ण अवस्था में पहुंचेगा। 'अपोजी' चंद्रमा की 29 दिनों की कक्षा का वह बिंदु होता है जब वह पृथ्वी से सबसे अधिकतम दूरी पर होता है। जब पूर्णिमा और अपोजी एक साथ होते हैं, तो उसे 'माइक्रोमून' (Micromoon) कहा जाता है। यह सुपरमून का बिल्कुल उल्टा होता है। दूरी अधिक होने के कारण यह आम पूर्णिमा के चांद की तुलना में आकार में 12 से 14 प्रतिशत छोटा और थोड़ा धीमा (कम चमकदार) दिखाई देता है। यह साल 2026 का सबसे बड़ा माइक्रॉमून होगा।

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आसमान में सबसे नीचे रहने की क्या है वजह?

जून का यह स्ट्रॉबेरी मून साल 2026 का सबसे निचला पूर्ण चंद्र होगा। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पूर्ण चंद्र हमेशा सूर्य की स्थिति का दर्पण होता है। 21 जून को ग्रीष्म संक्रांति (Summer Solstice) के ठीक बाद, सूर्य आकाश में अपने सबसे ऊंचे और सबसे लंबे दैनिक चाप (Arc) पर होता है। इसके विपरीत, पूर्णिमा का चांद आकाश में अपने सबसे निचले चाप से होकर गुजरता है। इस वजह से यह पूरी रात क्षितिज (Horizon) के करीब ही बना रहता है। पृथ्वी के घने वायुमंडल के बीच से दिखने के कारण यह अक्सर हल्के पीले या सुनहरे नारंगी रंग का खूबसूरत अहसास कराता है।

स्ट्रॉबेरी मून देखने का सबसे बेस्ट समय

खगोलविदों के अनुसार, चंद्रमा के पूर्ण फेज में चमकने के सटीक समय (भारतीय समयानुसार 29 जून की रात) से बेहतर इसे देखने का सबसे सही समय 'मूनराइज' यानी चंद्रोदय का होता है।

  • सबसे बेहतरीन नजारा: सोमवार, 29 जून 2026 की शाम को चंद्रोदय के ठीक समय दिखेगा, जब यह दक्षिण-पूर्वी क्षितिज पर बेहद नीचा और सुहाना लगेगा।

  • इस दौरान आसमान पूरी तरह काला नहीं होता बल्कि 'ब्लू ऑवर' (धीमी रोशनी) में होता है, जिससे चांद का आकर्षण दोगुना हो जाता है।

  • इसे देखने के लिए किसी ऊंचे स्थान, खुले मैदान या तटीय इलाके का रुख करें जहां से दक्षिण-पूर्वी क्षितिज साफ नजर आता हो।

इसके बाद अगला पूर्ण चंद्र 29 जुलाई 2026 को 'बक मून' (Buck Moon) के रूप में दिखाई देगा, जहां से गर्मियों के ऊंचे और ज्यादा चमकदार चांद की शुरुआत होगी।